Partition Horrors Remembrance Day 2026: 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि; सद्भाव और भाईचारे का दिया संदेश
14 अगस्त 2026 को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन की त्रासदी झेलने वाले पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की. नेताओं ने देश में सद्भाव, एकता और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को दोहराया.
Partition Horrors Remembrance Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (14 अगस्त 2026) को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के अवसर पर वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान अपार कष्ट सहने वाले और जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक संदेश में प्रधानमंत्री ने उन लोगों के साहस की सराहना की, जिन्होंने भारी नुकसान और विस्थापन के बावजूद नए सिरे से अपने जीवन का निर्माण किया और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया. यह भी पढ़ें: राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की ‘Hug Diplomacy’ पर कसा तंज, संदीप दीक्षित को लगाया गले; BJP ने बताया ‘आपत्तिजनक’
"विभाजन ने कई जिंदगियों को तबाह किया": पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि 14 अगस्त का दिन इतिहास के उस दौर की याद दिलाता है जिसने कई परिवारों और जिंदगियों को छिन्न-भिन्न कर दिया था.
उन्होंने लिखा, "आज हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं. हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियों को छीन लिया... परिवार उजड़ गए, अपनों को खो दिया गया और असीम कष्ट सहे गए."
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "इन सब से उबरकर लोगों ने शून्य से अपना जीवन दोबारा खड़ा किया, विपत्तियों को उपलब्धियों में बदला और देश की प्रगति में अभूतपूर्व योगदान दिया. उनकी जीवन यात्रा हमें मानवीय भावना की ताकत की याद दिलाती है. यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने तथा सामूहिक रूप से 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे."
पीएम मोदी ने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर श्रद्धांजलि दी
"इतिहास का सबसे क्रूर अध्याय": गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभाजन के पीड़ितों को नमन करते हुए 14 अगस्त 1947 को इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक बताया.
अमित शाह ने लिखा कि विभाजन की त्रासदी में लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोगों को अपने घर, संपत्ति व अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के माध्यम से इस त्रासदी की स्मृतियों को युवा पीढ़ी तक पहुंचा रही है, ताकि देश को विभाजित करने वाली ताकतें कभी सफल न हो सकें और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का लक्ष्य साकार हो.
"भौगोलिक सीमाओं का नहीं, भावनाओं का बंटवारा था": सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विभाजन की विभीषिका में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह अनगिनत परिवारों के सपनों, रिश्तों और भावनाओं का टूटना था.
सीएम योगी ने कहा कि यह दिवस हमें उस अकल्पनीय दर्द को याद करने, उससे सीख लेने और राष्ट्र की एकता व अखंडता को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है.
क्या है 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस'?
भारत सरकार ने वर्ष 2021 में घोषणा की थी कि हर साल 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाएगा.
यह दिन 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों, जनहानि और आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े मानव विस्थापन के पीड़ितों की याद और सम्मान में समर्पित है.