PM Modi Opens BRICS Summit 2026: पीएम मोदी ने किया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का उद्घाटन, कहा- व्यापारिक बाधाओं के बीच भारत बना रहा आर्थिक पुल
शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के लिए अगले 20 वर्षों का महत्वाकांक्षी संस्थागत रोडमैप पेश किया. उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने और सभी फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है.
PM Modi Opens BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार, 12 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) का आधिकारिक उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin), चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) समेत कई वैश्विक नेताओं का स्वागत किया. दो दिवसीय यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष तथा बदलते अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक माहौल के बीच आयोजित किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Delhi Traffic Alert: BRICS Summit के चलते 12 सितंबर को दिल्ली में कई सड़कें रहेंगी बंद, घर से निकलने से पहले पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी
पीएम मोदी ने ब्रिक्स के लिए रखा अगले 20 वर्षों का विजन
शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के लिए अगले 20 वर्षों का महत्वाकांक्षी संस्थागत रोडमैप पेश किया. उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने और सभी फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है.
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को अगले दो दशकों के लिए नई और महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि अध्यक्षता हर साल बदलने के बावजूद संगठन की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने BRICS Continuity and Implementation Mechanism बनाने का प्रस्ताव रखा, ताकि 'ट्रोइका' व्यवस्था के तहत सभी निर्णयों और पहलों की लगातार समीक्षा और निगरानी की जा सके. साथ ही उन्होंने प्रत्येक फैसले से जुड़े नोडल प्वाइंट, समयसीमा और क्रियान्वयन की स्थिति दर्ज करने के लिए सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने की भी बात कही.
वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता की भूमिका निभाएगा BRICS
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स को वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता का मजबूत स्तंभ बनना चाहिए, खासकर उन विकासशील देशों के लिए जो आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि ब्रिक्स का उद्देश्य बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाना है.
नई दिल्ली में जुटे दुनिया के बड़े नेता
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक अवसर माना जा रहा है. इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात वर्षों बाद भारत पहुंचे हैं, जबकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए हैं. इनके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी समेत कई प्रमुख नेता भी सम्मेलन में मौजूद हैं.
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 शुरू:
द्विपक्षीय बैठकों और आर्थिक एजेंडे पर रहेगा फोकस
शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने को लेकर चर्चा होने के बाद अब पीएम मोदी की राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम बैठक होगी. इस बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति, सीमा स्थिरता और दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
सम्मेलन के अंत में सदस्य देश नई दिल्ली घोषणा पत्र (New Delhi Declaration) को अंतिम रूप देंगे. इसमें स्थानीय मुद्रा में व्यापार, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, डिजिटल वित्तीय ढांचे और बहुपक्षीय वैश्विक शासन सुधार जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया जाएगा.