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जम्मू-कश्मीर पर अगले हफ्ते सर्वदलीय बैठक कर सकते हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह जम्मू-कश्मीर पर एक सर्वदलीय बैठक करने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राज्य को दो संघों में अगस्त 2019 में क्षेत्र विभाजित करने के बाद से उठाया गया पहला ऐसा कदम है.

जम्मू-कश्मीर पर अगले हफ्ते सर्वदलीय बैठक कर सकते हैं पीएम मोदी
नरेंद्र मोदी (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली, 19 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के अगले सप्ताह जम्मू-कश्मीर पर एक सर्वदलीय बैठक करने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राज्य को दो संघों में अगस्त 2019 में क्षेत्र विभाजित करने के बाद से उठाया गया पहला ऐसा कदम है. इसकी जानकारी सूत्रों ने दी. हालांकि अभी कार्यक्रम तय नहीं हुआ है कि बैठक अगले सप्ताह कभी भी हो सकती है. बैठक दिल्ली में होगी क्योंकि केंद्र सरकार (Central Government) जम्मू और कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करना चाहती थी, जिसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था - जम्मू और कश्मीर एक विधानसभा के साथ और लद्दाख इसके बिना. जम्मू और कश्मीर में क्षेत्रीय दल भी परिसीमन आयोग की कार्यवाही में भाग लेने के लिए सहमत हो सकते हैं. अगले विधानसभा चुनाव होने से पहले जम्मू और कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से तैयार करने के लिए आयोग का गठन मार्च 2020 में किया गया था.

हालांकि, जम्मू और कश्मीर के सबसे पुराने दलों में से एक, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) बैठक में शामिल नहीं हो सकती है क्योंकि यह जम्मू और कश्मीर के राज्य की बहाली पर अडिग है. बैठक में जनप्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं. विकास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शुक्रवार को दिल्ली में जम्मू-कश्मीर में चल रहे कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए हुई बैठक के बाद आया है, जिससे क्षेत्र में पारदर्शिता के साथ विकास लाया जा सके. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य शीर्ष अधिकारी शुक्रवार को शाह की बैठक में शामिल हुए. गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का सर्वांगीण विकास और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. शाह ने सिन्हा और उनकी टीम को यह सुनिश्चित करने के लिए बधाई दी कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि केंद्र शासित प्रदेश में लक्ष्य का 76 प्रतिशत और चार जिलों में 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर को लेकर सियासी हलचल तेज, PM मोदी ने 24 जून को बुलाई सर्वदलीय बैठक- जानें घाटी के नेताओं ने क्या कहा

एक बयान में कहा गया है कि शाह ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि क्षेत्र के किसानों को केंद्रीय योजनाओं का फायदा मिले. जब से भारतीय जनता पार्टी ने जून 2018 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सत्ता खोने के बाद से जम्मू और कश्मीर एक निर्वाचित सरकार के बिना रहा है. मुफ्ती और दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्री उन सैकड़ों लोगों में शामिल थे, जिन्हें संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छीन लिया था. इस कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए एक संचार ब्लैकआउट और एक लॉकडाउन भी लगाया गया था. तब से सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं. पहला बड़ा चुनावी अभ्यास - जिला विकास परिषद चुनाव - पिछले साल जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के प्रयासों के तहत इस क्षेत्र में आयोजित किया गया था. इस अभ्यास में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने भाग लिया. पार्टियों ने केंद्र के साथ जुड़ने की इच्छा भी दिखाई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2021 02:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).