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8th Pay Commission: केंद्रीय शिक्षकों ने रखीं बड़ी मांगें, OPS बहाल करने, 65 साल रिटायरमेंट और समान वेतन की उठी मांग

नई दिल्ली में हुई बैठक 8वें वेतन आयोग की देशव्यापी परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत है. इसके बाद आयोग चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा करेगा. हालांकि, आयोग इन सभी मांगों पर फैसला लेते समय देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्तीय भार, राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव और विकास संबंधी खर्चों समेत अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखेगा.

8th Pay Commission: केंद्रीय शिक्षकों ने रखीं बड़ी मांगें, OPS बहाल करने, 65 साल रिटायरमेंट और समान वेतन की उठी मांग

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के साथ नई दिल्ली में हुई परामर्श बैठक के दौरान केंद्रीय सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कई अहम मांगें रखीं. अखिल भारतीय NPS कर्मचारी महासंघ (AINPSEF) के बैनर तले केंद्रीय विद्यालय (KV), नवोदय विद्यालय (JNV), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV), दिल्ली MCD, NDMC और केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने और पदोन्नति के बेहतर अवसर देने की मांग की. 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने अगस्त और सितंबर के बैठकों का शेड्यूल जारी किया; जानें आपके शहर में कब होगी बैठक

समान वेतन और एक जैसी सेवा शर्तों की मांग

शिक्षक संगठनों ने 8वें वेतन आयोग से देशभर के केंद्रीय सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए समान वेतनमान और भत्ते लागू करने की मांग की. AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने कहा कि देश के अधिकांश शहरों में जीवन-यापन का खर्च लगभग समान हो चुका है, इसलिए सभी शिक्षकों को एक जैसी सुविधाएं और वेतन मिलना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत दिल्ली, बिहार, अंडमान-निकोबार समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात शिक्षकों के बीच वेतन और भत्तों में मौजूद अंतर खत्म करने की मांग भी रखी.

OPS बहाल करने और रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष करने की मांग

बैठक में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme-OPS) को दोबारा लागू करने की मांग दोहराई. वर्तमान में 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू है, जबकि उन्हें यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प भी दिया गया है. इसके बावजूद शिक्षक संगठन ने OPS को अधिक सुरक्षित और सुनिश्चित पेंशन व्यवस्था बताते हुए इसे बहाल करने की मांग की. इसके अलावा शिक्षकों ने स्कूल शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव भी आयोग के सामने रखा.

पदोन्नति और नए पद सृजित करने का प्रस्ताव

शिक्षक संगठनों ने करियर ग्रोथ को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए. इनमें प्रधानाचार्य के 50 प्रतिशत पद विभागीय पदोन्नति से भरने और 25 प्रतिशत पद विभागीय परीक्षा के माध्यम से देने की मांग शामिल है.

दिल्ली सरकार के शिक्षकों के लिए उप-प्रधानाचार्य (Vice Principal) पद पर 100 प्रतिशत पदोन्नति कोटा देने की भी मांग की गई. साथ ही 'हेड ऑफ सब्जेक्ट' नाम से नया पद बनाने, जिसका ग्रेड पे 5,400 रुपये हो, और वाइस प्रिंसिपल का ग्रेड पे बढ़ाकर 6,600 रुपये करने का भी प्रस्ताव रखा गया.

अवकाश और चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग

शिक्षक संगठनों ने हर वर्ष 14 कैजुअल लीव, 30 अर्जित अवकाश (Earned Leave) और 20 मेडिकल लीव देने की मांग की. साथ ही सेवा के दौरान कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और ऐसे पुरुष शिक्षकों को भी चाइल्ड केयर लीव (CCL) देने का प्रस्ताव रखा गया, जो परिवार में अकेले कमाने वाले अभिभावक हैं. सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा सुविधा के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षकों को DGEHS और CGHS में से किसी एक स्वास्थ्य योजना का विकल्प देने की भी मांग की गई.

देशभर में जारी रहेगा 8वें वेतन आयोग का परामर्श

नई दिल्ली में हुई बैठक 8वें वेतन आयोग की देशव्यापी परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत है. इसके बाद आयोग चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा करेगा. हालांकि, आयोग इन सभी मांगों पर फैसला लेते समय देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्तीय भार, राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव और विकास संबंधी खर्चों समेत अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2026 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).