PM Modi Independence Day 2024 Speech: शिक्षा के क्षेत्र में फिर से सदियों पुरानी 'स्पिरिट' को जगाना होगा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति व नालंदा विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बिहार में गौरव का इतिहास रहा है, यहां हमने नालंदा यूनिवर्सिटी का पुर्ननिर्माण किया है.
नई दिल्ली,15 अगस्त : प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति व नालंदा विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बिहार में गौरव का इतिहास रहा है, यहां हमने नालंदा यूनिवर्सिटी का पुर्ननिर्माण किया है. नालंदा यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर से काम करना शुरू कर दिया है. लेकिन हमें शिक्षा के क्षेत्र में फिर से एक बार सदियों पुरानी उस नालंदा स्पिरिट को जगाना होगा.
नालंदा स्पिरिट को जीना होगा, उस नालंदा स्पिरिट को लेकर के बड़े विश्वास के साथ विश्व की ज्ञान की परंपराओं को नई चेतना देने का काम करना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा की नई शिक्षा नीति पर कई राज्यों ने अच्छे कदम उठाए हैं. इसके कारण 21वीं सदी के अनुरूप अपनी शिक्षा व्यवस्था को जो हम बल देना चाहते हैं और विकसित भारत के लिए जिस प्रकार से मानव समूह को तैयार करना चाहते हैं उसमें नई शिक्षा नीति की बड़ी भूमिका है. यह भी पढ़ें : PM Modi Independence Day 2024 Speech: प्राकृतिक आपदा चिंता का विषय, देश पीड़ितों के साथ खड़ा है – लाल किले से बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे देश के नौजवानों को अब विदेशों में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़े. मध्यवर्गीय परिवार जब अपने बच्चों को विदेश में पढ़ने भेजते हैं तो लाखों करोड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं. हम ऐसी व्यवस्था स्थापित करना चाहते हैं जिससे हमारे देश के नौजवानों को पढ़ने के लिए विदेश जाना न पड़े. मध्यमवर्गीय परिवारों को लाखों करोड़ों रुपए खर्च न करने पड़े. इतना ही नहीं ऐसे संस्थानो का निर्माण हो कि विदेश के छात्र भारत में पढ़ने के लिए आए.
प्रधानमंत्री ने देश के सभी शिक्षण संस्थानों को संबोधित करते हुए कहा की भाषा के कारण हमारे देश के टैलेंट के आगे रुकावट नहीं आनी चाहिए. शिक्षा नीति ने मातृभाषा पर बल दिया है. भाषा अवरोध नहीं होनी चाहिए. मातृभाषा का समर्थन हमारे देश के युवा, गरीब मां के बेटे को भी सपने पूरे करने की ताकत देता है. मातृभाषा पर हमें बल देना होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि हमें नई ऊंचाइयों, नए जोश के साथ आगे बढ़ाना है. जो हो गया है, हम उसका संतोष मानकर बैठने वाले लोग नहीं है, यह हमारे संस्कार में नहीं है. हम नई ऊंचाइयों को पार करने के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं. विकास को समृद्धि को साकार करने के लिए, संकल्प को लेकर जीवन खपाने को हम अपना स्वभाव बनाना चाहते हैं, देशवासियों का स्वभाव बनाना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व में जिस प्रकार का बदलाव नजर आ रहा है उसमें स्किल का महत्व बहुत बढ़ जाता है. हम स्किल को और एक नई ताकत देना चाहते हैं. हम स्किल डेवलपमेंट चाहते हैं. हम जीवन के हर क्षेत्र में, हम एग्रीकल्चर सेक्टर में कैपेसिटी बिल्डिंग करके स्किल डेवलपमेंट चाहते हैं. चाहे सफाई का क्षेत्र हो उसमें भी एक नए स्किल डेवलपमेंट की ओर बल देना चाहते हैं.
हम स्किल इंडिया प्रोग्राम को बहुत व्यापक रूप से इस बार लेकर आए हैं. इस बजट में इंटर्नशिप पर भी हमने बल दिया है. ताकि हमारे नौजवानों को एक अनुभव मिले. बाजार में उनकी ताकत दिखाई दे. मैं इस प्रकार से इसके लिए युवाओं को तैयार करना चाहता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की परिस्थिति को देखते हुए भारत का स्किल मैनपॉवर जो है ग्लोबल जॉब मार्केट में हम उस सपने को लेकर आगे चल रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2024 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

