India-US Ties: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई 'सार्थक' बातचीत; व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अहम तकनीकों पर बनी रणनीतिक सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार, 30 सितंबर 2026 को टेलीफोन पर विस्तृत और सार्थक बातचीत हुई. इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और उभरती क्रिटिकल तकनीकों सहित दोनों देशों के व्यापक वैश्विक रणनीतिक संबंधों की प्रगति की समीक्षा की.
नई दिल्ली: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को गति देने के लिए एक बार फिर सीधा संवाद हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बातचीत बेहद उत्पादक और सकारात्मक रही.
दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और दोनों देशों के नागरिकों के हित में निरंतर निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की. यह भी पढ़ें: 'मन की बात' में PM मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का किया जिक्र, कहा- LoC के पार भारतीय जवानों की कार्रवाई से पूरी दुनिया हैरान थी
व्यापार, रक्षा और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर गहन समीक्षा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और पीएम मोदी के आधिकारिक बयान के अनुसार, फोन कॉल के दौरान प्रमुख द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई:
- रणनीतिक स्तंभ: दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण व उभरती प्रौद्योगिकियों (Critical Technologies) में चल रहे सहयोग की समीक्षा की.
- कॉम्पैक्ट (COMPACT) फ्रेमवर्क: जून 2026 में फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद से दोनों देशों ने रक्षा और रणनीतिक तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के लिए तय किए गए रोडमैप की प्रगति का जायजा लिया.
- निरंतर समन्वय: रक्षा आपूर्ति श्रृंखला और संयुक्त सैन्य उत्पादन के क्षेत्र में जारी पहलों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.
‘राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत’
क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक शांति और भू-राजनीतिक तनाव
फोन कॉल में केवल द्विपक्षीय मुद्दे ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक घटनाक्रम भी केंद्र में रहे:
- वैश्विक शांति के प्रयास: दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और विश्व शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए साझा प्रयासों पर चर्चा की.
- ऊर्जा बाजार और प्रतिबंध: यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता है और रूस व ईरान से ऊर्जा व्यापार को लेकर हालिया अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित प्रभावों को लेकर भारत अपनी चिंताएं पहले ही वाशिंगटन के समक्ष रख चुका है.
द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अहम समय पर वार्ता
यह टेलीफोनिक वार्ता व्यापार के मोर्चे पर बेहद रणनीतिक मोड़ पर सामने आई है:
- वाणिज्य मंत्री का अमेरिकी दौरा: भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर अंतिम सहमति बनाने के लिए अमेरिकी समकक्षों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से बैठकें कर रहे हैं.
- व्यापारिक गतिरोध दूर करने की दिशा: टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़े कुछ लंबित मुद्दों के बीच दोनों राष्ट्राध्यक्षों की इस सीधी बातचीत से व्यापार वार्ता को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल और निरंतर संवाद दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक और रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहा है.