पीएम मोदी ने पोलैंड के राष्ट्रपति के साथ यूक्रेन, पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा ने गुरुवार को यहां बेल्वेडर पैलेस में हुई द्विपक्षीय बैठक में दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऊर्जा और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-पोलैंड साझेदारी को गहरा करने पर चर्चा की.
वारसॉ, 22 अगस्त (आईएएनएस). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा ने गुरुवार को यहां बेल्वेडर पैलेस में हुई द्विपक्षीय बैठक में दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऊर्जा और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-पोलैंड साझेदारी को गहरा करने पर चर्चा की. विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद बताया, "उन्होंने भारत-पोलैंड संबंधों को बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी में बदलने का स्वागत किया. उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन गंगा के दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने में पोलैंड की अमूल्य और समय पर सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया."
मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश नागरिकों के लिए अधिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए एक सामाजिक सुरक्षा समझौते पर भी सहमत हुए हैं. बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारत पोलैंड के साथ मधुर संबंधों को बहुत महत्व देता है. हम आने वाले समय में दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं."
राष्ट्रपति डूडा के कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चर्चा के प्रमुख विषयों में से एक यूक्रेन में चल रहे युद्ध और इसके वैश्विक परिणाम थे.
पोलैंड के राष्ट्रपति के अंतर्राष्ट्रीय नीति ब्यूरो के प्रमुख मिज़्को पावलक ने बैठक से पहले घोषणा की कि राष्ट्रपति डूडा और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत का एक महत्वपूर्ण विषय "प्रधानमंत्री मोदी की हाल की मास्को यात्रा के संदर्भ में सुरक्षा मुद्दे और यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रामकता के अलावा स्विट्जरलैंड में शांति शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत और शांति प्रक्रिया में इसकी भूमिका भी होगी, जिसमें भारत ने भाग लिया था."
पोलिश वेब पोर्टल इंटरिया के साथ एक साक्षात्कार में पावलक ने कहा कि "चर्चा का एक अतिरिक्त आयाम राष्ट्रपति डूडा की हाल की चीन यात्रा होगी". पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ पर हो रही है. पोलैंड में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की आखिरी यात्रा 1979 में हुई थी.
इससे पहले, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ बातचीत के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
टस्क ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की शासन व्यवस्था की निरंतर लोकतांत्रिक प्रकृति की प्रशंसा करती है, जो "दुनिया के उस हिस्से में आम नहीं है". परस्पर सहयोग के लिए कई क्षेत्रों की पहचान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोलैंड खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी है और पोलिश कंपनियां भारत में स्थापित किए जा रहे मेगा फूड पार्कों में शामिल हो सकती हैं.
उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि यह सभी के लिए "गहरी चिंता का विषय" बना हुआ है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत का दृढ़ विश्वास है कि युद्ध के मैदान में किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता. किसी भी संकट में निर्दोष लोगों की जान जाना पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. हम शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करते हैं. इसके लिए भारत अपने मित्र देशों के साथ मिलकर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है." पोलैंड से प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन जाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2024 10:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

