PM Kisan Yojana: जून या जुलाई में आ सकती है 23वीं किस्त, लेकिन 30 जून से पहले निपटा लें ये 2 जरूरी काम वरना रुक जाएगा पैसा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए 23वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्र सरकार द्वारा यह किस्त जून के अंत या जुलाई 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है. हालांकि, कृषि विभाग ने साफ किया है कि जिन किसानों ने 30 जून 2026 तक अपनी 'फॉर्मर रजिस्ट्री' और 'वार्षिक ई-केवाईसी' (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनकी आगामी किस्त रोक दी जाएगी.

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PM Kisan Samman Nidhi Yojana: देश के करोड़ों किसान भाइयों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana:) की 23वीं किस्त (23rd Installment) का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अगली किस्त चालू माह के अंत यानी जून के अंतिम सप्ताह या फिर जुलाई 2026 की शुरुआत में आने की प्रबल संभावना है. हालांकि, केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से अभी तक इसकी किसी सटीक तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चार महीने के तय अंतराल के अनुसार जून में पिछली किस्त की अवधि पूरी हो रही है. सरकार अब तक इस योजना के तहत सफलतापूर्वक 22 किस्तें जारी कर चुकी है. यह भी पढ़ें: PM Kisan e-KYC Update: पीएम किसान योजना को लेकर बड़ा अपडेट, 30 जून तक ई-केवाईसी अनिवार्य, वरना रुक सकती है अगली किस्त

दो बड़ी चूक पड़ेंगी भारी; रुक सकती है ₹2,000 की किस्त

आगरा के जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने अब पीएम किसान सम्मान निधि के साथ-साथ अन्य सभी कृषि कल्याणकारी योजनाओं के लिए दो नए नियम पूरी तरह अनिवार्य कर दिए हैं. यदि कोई किसान 30 जून 2026 तक इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके बैंक खाते में आने वाली ₹2,000 की किस्त रोक दी जाएगी. ये दो महत्वपूर्ण कार्य 'फॉर्मर रजिस्ट्री' (Farmer Registry) तैयार करवाना और 'वार्षिक ई-केवाईसी' (Annual e-KYC) को अपडेट करना है.

क्या है फॉर्मर रजिस्ट्री और क्यों है यह अनिवार्य?

सरकार की नई नीति के तहत अब हर किसान के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री बनवाना आवश्यक है. इसके जरिए किसानों को खाद, बीज, कृषि यंत्र, फसल बीमा और सम्मान निधि जैसी कई योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर मिलेगा. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार इसके लिए ग्रामीण और पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चला रही हैं.

आगरा जिले में मार्च महीने से ही यह अभियान सक्रिय है और अब तक 3 लाख से अधिक किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकी है. किसान भाई स्वयं अपने मोबाइल से, नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC) पर जाकर या कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों की मदद से अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं. इस संबंध में विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार या उपकृषि निदेशक कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है.

30 जून से पहले ई-केवाईसी कराना आवश्यक; इसके बिना नहीं मिलेगा लाभ

योजना के तहत केवल वास्तविक और जीवित लाभार्थियों को ही लाभ मिले, इसके लिए सरकार ने वार्षिक ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है. फिरोजाबाद के उप निदेशक कृषि सत्येंद्र प्रताप सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि नई गाइडलाइन के अनुसार 30 जून 2026 के बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया बंद हो जाएगी, इसलिए समय रहते इसे पूरा कर लें.

किसान अपनी सुविधानुसार दो तरीकों से ई-केवाईसी करवा सकते हैं:

सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता देती है सरकार

पृष्ठभूमि की बात करें तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की एक बेहद लोकप्रिय योजना है, जिसका उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है. इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी किसान परिवार को प्रति वर्ष कुल ₹6,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. यह राशि ₹2,000-₹2,000 की तीन बराबर किश्तों में सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों (DBT) में स्थानांतरित की जाती है.

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