PM Kisan e-KYC Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत लाभ ले रहे देश के करोड़ों किसानों के लिए एक जरूरी खबर है. केंद्र सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लाभार्थियों की छंटनी करने के लिए अब 'वार्षिक ई-केवाईसी' (Annual e-KYC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है. कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी पंजीकृत किसानों को अपनी पात्रता सिद्ध करने के लिए 30 जून तक हर हाल में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसा न करने वाले किसानों की आगामी किस्तें अस्थायी रूप से रोकी जा सकती हैं.
क्यों लिया गया वार्षिक सत्यापन का फैसला?
सरकार के संज्ञान में कुछ ऐसे संदिग्ध मामले आए हैं जो योजना के तय दिशा-निर्देशों और अपवर्जन मानदंडों (Exclusion Criteria) के तहत अपात्र पाए जा सकते हैं. इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य (जैसे पति और पत्नी दोनों) लाभ ले रहे हैं, या जिन्होंने फरवरी 2019 के बाद जमीन के मालिकाना हक हासिल किए हैं. डाटा लीक को रोकने, धोखाधड़ी पर नकेल कसने और केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थियों तक ही सरकारी सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से इस कड़े नियम को लागू किया गया है.
23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं किसान
योजना के तहत आखिरी बार 22वीं किस्त का डिजिटल ट्रांसफर 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से किया गया था, जिसमें करोड़ों किसानों के खातों में पैसे भेजे गए थे. चूंकि जून का महीना शुरू हो चुका है, इसलिए किसान अब अपनी 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की तैयारियों और खेती के खर्चों को देखते हुए सरकार जून के आखिर या जुलाई में अगली किस्त जारी कर सकती है, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनका खाता पूरी तरह अपडेट होगा.
ई-केवाईसी पूरी करने के दो आसान माध्यम
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार और कृषि विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दो मुख्य विकल्प दिए हैं:
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फेसियल ऑथेंटिकेशन (घर बैठे): किसान अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर 'PM Kisan' मोबाइल ऐप डाउनलोड करके चेहरे के वेरिफिकेशन (Facial E-KYC) के जरिए खुद ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
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बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (जन सेवा केंद्र): जो किसान खुद ऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आधार कार्ड और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट के माध्यम से अपनी ई-केवाईसी अपडेट करा सकते हैं.
योजना का मुख्य उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की गई थी. इस केंद्रीय योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) की जाती है. यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में हर चार महीने के अंतराल पर वितरित की जाती है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अंतिम समय की तकनीकी असुविधा से बचने के लिए 30 जून से पहले अपना सत्यापन अवश्य करा लें.











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