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PM Internship Scheme: पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत भारतीय उद्योग जगत ने पेश की 13,000 से अधिक इंटर्नशिप

पीएम इंटर्नशिप योजना पोर्टल के माध्यम से देश में करीब 50 कंपनियों ने सामूहिक रूप से 13 हजार से ज्यादा इंटर्नशिप की पेशकश रखी है. इन कंपनियों में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, अपोलो टायर्स, टाइटन, डिविस लैब्स और ब्रिटानिया जैसे नाम शामिल हैं.

PM Internship Scheme: पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत भारतीय उद्योग जगत ने पेश की 13,000 से अधिक इंटर्नशिप
PM Internship Scheme (img: tw)

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर : पीएम इंटर्नशिप योजना पोर्टल के माध्यम से देश में करीब 50 कंपनियों ने सामूहिक रूप से 13 हजार से ज्यादा इंटर्नशिप की पेशकश रखी है. इन कंपनियों में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, अपोलो टायर्स, टाइटन, डिविस लैब्स और ब्रिटानिया जैसे नाम शामिल हैं. पीएम इंटर्नशिप योजना पोर्टल पिछले हफ्ते कॉरपोरेट रजिस्ट्रेशन के लिए खोला गया था. युवाओं में कौशल अंतर को दूर करने के लिए इस सरकारी योजना के तहत लगभग 200 कंपनियों को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ पंजीकृत किया गया है. इस योजना का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में 1.2 लाख इंटर्नशिप लाना है.

महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टाटा ग्रुप और जुबिलेंट फूडवर्क्स जैसी प्रमुख कंपनियां इंटर्नशिप देने वाले शीर्ष योगदानकर्ताओं में से हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, "अवसर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, तेल, ऊर्जा, एफएमसीजी, विनिर्माण और आतिथ्य सहित कई क्षेत्रों में मौजूद हैं." यह भी पढ़ें : कांग्रेस हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है, हर चुनाव में इसी फार्मूले को लागू करती है: मोदी

इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट-2024 में की थी. योजना का उद्देश्य एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान करना है. योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में सीएसआर खर्च के मामले में शीर्ष 500 कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इस योजना के तहत दी जाने वाली इंटर्नशिप में बिक्री, विपणन, उत्पादन, विनिर्माण और संचालन प्रबंधन जैसी भूमिकाएं शामिल हैं. ये भूमिकाएं 179 जिलों में मौजूद हैं.

इस योजना का प्रारंभिक चरण 3 सितंबर को शुरू हुआ है. योजना के तहत टॉप 500 सूची की कंपनियों को पंजीकरण करने और उपलब्ध इंटर्नशिप को सूचीबद्ध करना था. इस योजना के लिए उम्मीदवारों के पंजीकरण शनिवार को खुलने वाले हैं. इंटर्न के पहले बैच को लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह तक काम शुरू करने की उम्मीद है. इसमें प्रतिभागियों को 5,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे और 6,000 रुपये का एकमुश्त हस्तांतरण मिलेगा. इस शुरुआती चरण से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय अपनी पहुंच को व्यापक बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के लिए योजना को आगे बढ़ाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 09, 2024 02:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).