Pakistan ISI Honeytrap: सोशल मीडिया पर शिकार बनकर आईएसआई के लिए जासूसी करने वाला जम्मू का युवक गिरफ्तार

जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित मकवाल गांव से पुलिस ने एक युवक को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, युवक सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के 'हनीट्रैप' जाल का शिकार हो गया था और संवेदनशील जानकारियां सीमा पार भेज रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। इसी तरह का एक और मामला हाल ही में पंजाब के पठानकोट में भी सामने आया था, जहाँ एक मर्चेंट ने सेना के मूवमेंट की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

जम्मू, 2 जून: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित मकवाल गांव (Makwal Village)  से सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है. इस युवक पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है. जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जोगिंदर सिंह ने मंगलवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा बुने गए 'हनीट्रैप' (Online Honeytrap) के जाल में फंस गया था. पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच कर रही हैं. यह भी पढ़ें: Karimnagar Couple Honey Trap Case: इंस्टाग्राम पर दोस्ती और फिर 'सेक्सटॉर्शन', पति-पत्नी ने 100 से अधिक लोगों को बनाया शिकार

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को निशाना बना रही आईएसआई

जम्मू के एसएसपी जोगिंदर सिंह ने आईएएनएस (IANS) से बातचीत में कहा कि चाहे पाकिस्तानी सेना हो, आईएसआई हो या उनका पूरा तंत्र, उनका एकमात्र प्रयास हमेशा जम्मू-कश्मीर में शांति को भंग करना रहा है. उन्होंने बताया, "पाकिस्तानी हैंडलर्स हमारे युवाओं को निशाना बनाने, उन्हें ड्रग्स की ओर धकेलने, हनीट्रैप में फंसाने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल टूल्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं."

एसएसपी ने रेखांकित किया कि सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में देशों के बीच की भौगोलिक सीमाएं कोई मायने नहीं रखतीं, जिसके कारण इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए स्थानीय युवाओं तक पहुंच बनाना बेहद आसान हो गया है. उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे बहकावे में आने वाले युवाओं की संख्या 0.01 प्रतिशत जितनी कम है, फिर भी सुरक्षा एजेंसियां ऐसी सभी संदिग्ध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही हैं. पुलिस प्रभावित युवाओं की पहचान कर उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए काउंसलिंग (परामर्श) का सहारा भी ले रही है.

आरोपी की मां का बयान और नेटवर्क की जांच

गिरफ्तार किए गए आरोपी की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका बेटा अपने मोबाइल फोन पर बहुत अधिक समय बिताता था, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह कब और कैसे पाकिस्तान के प्रभाव में आ गया या उसने कब वहां संवेदनशील जानकारी साझा करना शुरू कर दिया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के फोन और डिजिटल उपकरणों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कौन-कौन सी खुफिया जानकारियां सीमा पार भेजी थीं.

पठानकोट में भी सामने आया था सीसीटीवी के जरिए जासूसी का मामला

जम्मू की यह घटना हाल ही में पंजाब में भंडाफोड़ हुए एक अन्य सीमा पार जासूसी मॉड्यूल से काफी मिलती-जुलती है. बीते 22 मई को पंजाब पुलिस ने पठानकोट शहर से बलजीत सिंह नामक एक व्यक्ति को पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

पूछताछ के दौरान आरोपी बलजीत सिंह ने खुलासा किया था कि यह पूरा ऑपरेशन दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा निर्देशित किया जा रहा था, और इस काम के लिए उसे 40,000 रुपये का भुगतान किया गया था. चक्क धारीवाल गांव के निवासी बलजीत ने नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर स्थित एक दुकान में इंटरनेट आधारित सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाया था, ताकि वह सेना और अर्धसैनिक बलों के मूवमेंट (움직임) की लाइव फीड सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को ट्रांसफर कर सके. उसने स्वीकार किया था कि यह कैमरा उसने जनवरी महीने में स्थापित किया था. रक्षा और सुरक्षा विशेषज्ञ इन बढ़ते मामलों को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती मान रहे हैं.

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