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देशभर की 2000 से ज्यादा महिला वकीलों ने प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना को लिखा पत्र, कहा- पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर लें संज्ञान

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का मुद्दा अब देशभर से 2,093 महिला वकीलों ने उठाया है.इन्होंने भारत के प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना को पत्र लिखकर चुनाव के बाद हुए खूनखराबे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है

देशभर की 2000 से ज्यादा महिला वकीलों ने प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना को लिखा पत्र, कहा- पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर लें संज्ञान
एनवी रमन (Photo credits: ANI)

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का मुद्दा अब देशभर से 2,093 महिला वकीलों ने उठाया है.इन्होंने भारत के प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना को पत्र लिखकर चुनाव के बाद हुए खूनखराबे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है. महिला वकीलों ने कहा कि बंगाल में संवैधानिक संकट है, जहां चुनाव के बाद दो मई से जारी हिंसा के कारण नागरिकों की स्थिति दयनीय है. पत्र में कहा गया है, यह अत्यंत दुख के साथ कहा जा रहा है कि हिंसा से जुड़े अपराधियों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा है पश्चिम बंगाल राज्य में मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन की वर्तमान स्थिति में देश के सर्वोच्च न्यायालय को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.

वकीलों ने शीर्ष अदालत से असम, बिहार, ओडिशा और झारखंड के डीजीपी को अपने-अपने राज्यों में शरण लिए हुए लोगों के संबंध में पूरा डेटा तैयार करने का निर्देश देने का आग्रह किया है. वकीलों ने कहा कि पुलिस गुंडों के साथ है और पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करने की स्थिति में नहीं हैं. यह भी पढ़े: पश्चिम बंगाल में ‘राजनीतिक हिंसा’ को लेकर विशिष्ट जनों ने लिखा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र

याचिका में कहा गया है, राज्य में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है. यहां तक कि मीडिया भी पिछले कुछ दिनों से खामोश है और पश्चिम बंगाल की स्थिति की सही और वर्तमान तस्वीर नहीं दिखा रहा है. इसके अलावा, पत्र में पीड़ितों की शिकायतें दर्ज करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के बाहर के किसी अधिकारी को नोडल अधिकारी भी बनाने की मांग की गई है.

प्रधान न्यायाधीश को लिखे पत्र में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को प्राथमिकता के आधार पर सभी स्तर पर एक प्रभावी शिकायत प्रणाली स्थापित करने और पुलिस विभाग को मिली शिकायतों के संबंध में शीर्ष अदालत के सामने दैनिक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 24, 2021 11:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).