देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़! ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी पाकिस्तान को खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश ATS ने फिरोजाबाद स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी रविंद्र कुमार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया. वह फेसबुक पर "नेहा शर्मा" नाम की संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के संपर्क में आकर गोपनीय रक्षा दस्तावेज लीक कर रहा था. ATS ने सबूतों के आधार पर उसे हिरासत में लेकर भारतीय न्याय संहिता और सरकारी गुप्त अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री के एक कर्मचारी रविंद्र कुमार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने गोपनीय रक्षा संबंधी दस्तावेज पाकिस्तान की एक खुफिया एजेंट को लीक किए. उन्हें गुरुवार देर रात लखनऊ स्थित ATS मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया.
फेसबुक से शुरू हुआ जाल
ATS अधिकारियों के अनुसार, रविंद्र कुमार फिरोजाबाद स्थित हजरतपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन के पद पर कार्यरत थे. उन्हें एक महिला, "नेहा शर्मा" के रूप में पहचानी गई संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंट को संवेदनशील जानकारी लीक करने का दोषी पाया गया.
ATS ने बताया कि जून-जुलाई 2024 में फेसबुक के माध्यम से रविंद्र कुमार की इस महिला से दोस्ती हुई थी. खुफिया एजेंसियों को संदेह हुआ कि संवेदनशील जानकारी लीक होने से देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को खतरा हो सकता है.
जांच और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
ATS ने इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल सर्विलांस के आधार पर रविंद्र कुमार की पहचान की. 12 मार्च 2025 को उन्हें पूछताछ के लिए आगरा स्थित ATS फील्ड यूनिट बुलाया गया. प्रारंभ में उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बाद में पूछताछ के लिए रातभर रुकने का निर्णय लिया. अगले दिन उन्हें लखनऊ स्थित ATS मुख्यालय ले जाया गया.
ATS ने उनके मोबाइल फोन (Redmi Note 9 Pro) की जांच की, जिसमें "चंदन स्टोर कीपर 2" नाम से सेव एक कॉन्टैक्ट पाया गया. जांच में पता चला कि यह नंबर नेहा शर्मा का था और उन्होंने जानबूझकर इसे गलत नाम से सेव किया था ताकि उनकी बातचीत छिपी रहे.
लीक किए गए गोपनीय दस्तावेज
ATS के अनुसार, रविंद्र कुमार ने निम्नलिखित गोपनीय दस्तावेज लीक किए:
- डेली प्रोडक्शन रिपोर्ट (2024-25): इसमें ड्रोन, गगनयान परियोजना और स्टोर रिसीप्ट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी थी.
- गोपनीय पत्र: यह MACP प्रमोशन स्क्रीनिंग कमेटी से संबंधित था.
- पेंडिंग रिक्विजिशन लिस्ट: बिना लेखा-जोखा वाले स्टॉक की जानकारी थी.
- 10 मार्च 2025 की बैठक का दस्तावेज: इसमें देहरादून में 51 गोरखा राइफल्स और ऑर्डनेंस फैक्ट्री के बीच हुए लॉजिस्टिक ड्रोन ट्रायल का विवरण था.
रविंद्र कुमार का बयान
पूछताछ में रविंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि उन्होंने दस्तावेज साझा किए लेकिन उनका इरादा गलत नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्होंने नेहा शर्मा का नंबर छिपाने के लिए फर्जी नाम से सेव किया था ताकि उनकी पत्नी और अन्य लोगों को इसकी जानकारी न मिले.
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
- ATS अधिकारियों ने उनके पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया:
- रुपये 6,220 नगद
- SBI और पोस्ट ऑफिस के दो डेबिट कार्ड
- आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड
रविंद्र कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 148 और सरकारी गुप्त अधिनियम, 1923 की धारा 3/4/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि उनकी हरकतों से भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था.
ATS ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी और जब्ती की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग के दिशानिर्देशों के तहत की गई. कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी उनकी पत्नी को दी गई है और मामले की आगे जांच जारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2025 02:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

