योगी सरकार का बड़ा फैसला, कैदियों के लिए UP में जल्द खुलेगी 'ओपन और हाई सिक्योरिटी जेल'
त्तर प्रदेश में अब जल्द जल्द ही ओप और हाई सिक्योरिटी जेल की जेल खुलने जा रही है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग और कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए भविष्य के ²ष्टिगत बेहतरी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए,
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब जल्द जल्द ही ओप और हाई सिक्योरिटी जेल की जेल खुलने जा रही है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग और कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए भविष्य के ²ष्टिगत बेहतरी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में अपने नई जेल मैन्युअल को अनुमोदित किया है. जेल सुधारों की ओर यह महत्वपूर्ण प्रयास होगा. हमें कारागारों को सुधार के बेहतर केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास करना होगा. ओपन जेल और हाई सिक्योरिटी जेल इस संबंध में उपयोगी हो सकते हैं. इस संबंध में स्थान का चिन्हांकन कर विधिवत प्रस्ताव तैयार करें.
कहा कि प्रदेश के समस्त कारागारों में 14 वर्ष की अवधि से अधिक समय से बंद कैदियों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए. सूची में बीमार, नाबालिग और महिला और दिव्यांग कैदियों का पृथक विवरण भी हो. योगी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 27 जिलों में नागरिक सुरक्षा इकाइयां गठित हैं. सिविल डिफेंस के महत्व और उपयोगिता को ²ष्टिगत रखते हुए इसे सभी 75 जिलों तक विस्तार दिया जाना आवश्यक है. यह भी पढ़े: योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी की सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं को रखेगी जेल में, कैदी करेंगे देखभाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को आधार मानकर नागरिक सुरक्षा इकाइयों का पुनर्गठन किया जाए. इस प्रकार प्रदेश में साढ़े सात सौ से अधिक नागरिक सुरक्षा इकाइयां क्रियाशील हो सकेंगी. गृह विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी की जाए। नवीन इकाइयों के सुचारु क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने आग लगने की घटना में अग्निशमन विभाग की उपयोगिता का हम सभी ने अनुभव किया है. अग्निशमन विभाग के कार्मिकों का सेवा भाव प्रेरक है. भविष्य की जरूरत को देखते हुए अग्निशमन विभाग को आपदा प्रबंधन एवं आपात सेवा के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है. केंद्र सरकार के मॉडल बिल ऑन मेंटेनेंस ऑफ फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, 2019 की तर्ज पर राज्य के मॉडल फायर एन्ड इमरजेंसी बिल तैयार किया जाए.
कहा कि बहुमंजिली इमारतों में प्रत्येक दशा में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नीति के अनुरूप भवन स्वामी द्वारा हर छह माह के अंतराल पर सेल्फ सर्टिफिकेशनरी व्यवस्था, भवनों के प्रकार के अनुसार फायर सेफ्टी ऑफिसर का प्रावधान और वार्षिक थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था को लागू किया जाए। कहा कि फायर फाइटर्स की सुरक्षा व उच्चस्तरीय अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के लिए एक विशेष निधि-कोष की स्थापना के प्रयास हों.
योगी बोले वर्तमान में स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से शहरों की सुरक्षा व्यवस्था स्मार्ट हुई है. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन करते हुए अधिकाधिक शहरों को सेफ सिटी बनाने की कोशिश करनी होगी. इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 02, 2022 12:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

