नई दिल्ली: हाल ही में अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर खूनी संघर्ष हुआ, जिनमें दोनों देशों के सैनिकों और नागरिकों की मौत हुई. पाकिस्तान ने इन झड़पों के लिए भारत को दोषी ठहराया, लेकिन भारत ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की पुरानी आदत है, अपने आंतरिक असफलताओं के लिए पड़ोसी देशों को दोष देना, विशेष रूप से आतंकवाद के मामलों में.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायससवाल ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता. उन्होंने स्पष्ट किया, पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को होस्ट और समर्थन करता है. पड़ोसी देशों पर अपने आंतरिक असफलताओं का दोष मढ़ना पाकिस्तान की पुरानी आदत है. पाकिस्तान को अफगानिस्तान द्वारा अपनी सीमाओं पर संप्रभुता का अभ्यास पसंद नहीं आता."
भारत का दृष्टिकोण
भारत पूरी तरह से अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के समर्थन में है. भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आंतरिक या बाहरी तनाव के लिए पड़ोसी देशों पर आरोप लगाना समस्या का समाधान नहीं है.
सीमा पर हाल की घटनाएं
मंगलवार की रात पाकिस्तान-अफगान सीमा पर झड़प हुई, जिसमें दर्जनों सैनिक और नागरिक मारे गए. इसके बाद दोनों देशों ने 48 घंटे के सीजफायर (Ceasefire) पर सहमति जताई. पिछली सप्ताहांत में भी अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल में हमले का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की थी.













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