Bhagwant Mann Video Row: अकाल तख्त के फैसले के बीच नया मोड़, फॉरेंसिक रिपोर्ट में दावा- 'वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति सीएम भगवंत मान नहीं'
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अकाल तख्त द्वारा सीएम मान को 'गुरु द्रोही' घोषित किए जाने के बाद, पंजाब सरकार ने दो बाहरी फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दावा किया गया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं है.
- Read in
- English
चंडीगढ़, 19 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री (Punjab Chief Minister) भगवंत मान (Bhagwant Mann) से जुड़े एक कथित विवादित वीडियो को लेकर चल रहे टकराव के बीच एक नया मोड़ आ गया है. सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था 'अकाल तख्त' (Akal Takht) द्वारा मुख्यमंत्री को 'गुरु द्रोही' (Anti-Guru) और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित किए जाने के कुछ ही दिनों बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दो स्वतंत्र फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक की हैं. पंजाब सरकार (Punjab Government) की ओर से गुरुवार को जारी की गई इन नई फॉरेंसिक रिपोर्टों में अकाल तख्त के निष्कर्षों के विपरीत दावा किया गया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है. यह भी पढ़ें: Punjab Politics: सीएम भगवंत मान का बड़ा दावा; अकाल तख्त द्वारा 'गुरु द्रोही' घोषित किए जाने के बाद वायरल वीडियो को बताया फर्जी और राजनीतिक साजिश
क्या है नई फॉरेंसिक रिपोर्ट में?
चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आप (AAP) के मीडिया इन-चार्ज बलतेज पन्नू ने ये फॉरेंसिक रिपोर्ट साझा कीं. पार्टी के अनुसार, यह वैज्ञानिक जांच पंजाब से बाहर की और भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो प्रयोगशालाओं से कराई गई है.
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस 39 सेकंड के वीडियो के कुल 1,191 फ्रेम्स का तकनीकी विश्लेषण किया. रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और मुख्यमंत्री भगवंत मान के चेहरे की बनावट, ऊंचाई और शारीरिक हाव-भाव (Posture) में स्पष्ट अंतर पाया गया है.
भगवंत मान का कथित वायरल वीडियो
A traitor to the Sikh community, who does not respect the highest seat of Sikhism, Sri Akal Takht Sahib, and continued to falsely claim that the video was AI-generated (fake).
Today, the revelations made by Jathedar Kuldeep Singh Gargaj and the reports from two major… pic.twitter.com/WRoVyXH7OT
— Fatehjung Singh Bajwa (@fatehbajwa2) June 15, 2026
रिपोर्ट का मुख्य अंश: "वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति की खड़े होने की शैली (Stance) एक विशेष प्रकार की है, जबकि भगवंत मान के संदर्भ चित्रों और वीडियो में उनका पोस्चर पूरी तरह अलग है. दोनों के बीच कोई समानता नहीं है. इसके अलावा, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की अनुमानित लंबाई लगभग 5 फीट 10 इंच है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की वास्तविक लंबाई 5 फीट 8 इंच है."
भगवंत मान ने बताया सोची-समझी साजिश
फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस पूरे विवाद को अपनी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की एक "सोची-समझी राजनीतिक साजिश" करार दिया है. सीएम मान ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस फर्जी वीडियो के निर्माण और इसे प्रसारित करने के पीछे शामिल तत्वों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
अकाल तख्त और विपक्ष का रुख
इससे पहले, सोमवार (15 जून 2026) को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया था. अकाल तख्त ने केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त दो लैब की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि यह वीडियो पूरी तरह असली है और इसमें कोई तकनीकी छेड़छाड़ या एआई (AI) का इस्तेमाल नहीं हुआ है. अकाल तख्त ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने इस वीडियो के संबंध में धार्मिक मंच पर झूठ बोला.
इस फैसले के बाद से कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी समेत पंजाब के तमाम विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनसे तुरंत नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है. वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि अकाल तख्त की रिपोर्ट ने केवल वीडियो के असली होने की पुष्टि की थी, लेकिन वह व्यक्ति कौन है, यह साबित नहीं कर सकी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2026 10:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

