New CBFC Board: सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन; प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और सुनील शेट्टी समेत 18 हस्तियां बनीं सदस्य, देखें पूरी सूची
केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए सिनेमा, टेलीविजन, साहित्य, संगीत और रंगमंच जगत की 18 प्रमुख हस्तियों को तीन साल के लिए नया सदस्य नियुक्त किया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बुधवार, 16 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत यह नवगठित बोर्ड सीबीएफसी अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति के नेतृत्व में कार्य करेगा.
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा और मनोरंजन जगत के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने बुधवार, 16 सितंबर को एक आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर 18 नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की.
खबरों के अनुसार, यह नया पैनल तत्काल प्रभाव से अगले तीन वर्षों की अवधि अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. नए बोर्ड में मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा के अलावा क्षेत्रीय सिनेमा, संगीत, रंगमंच और साहित्य की दिग्गज हस्तियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है.
नए सीबीएफसी बोर्ड के सभी 18 सदस्यों की आधिकारिक सूची
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 18 सदस्यीय पैनल में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- प्रीति जिंटा (अभिनेत्री एवं निर्माता)
- पंकज त्रिपाठी (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता)
- सुनील शेट्टी (अभिनेता एवं निर्माता)
- प्रियदर्शन (प्रसिद्ध निर्देशक, हिंदी एवं मलयालम सिनेमा)
- रिकी केज (तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार)
- प्रसेनजीत चटर्जी (दिग्गज बंगाली अभिनेता)
- मनोज जोशी (वरिष्ठ अभिनेता)
- पल्लवी जोशी (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री व फिल्म निर्माता)
- रूपाली गांगुली (प्रसिद्ध टेलीविजन एवं थिएटर अभिनेत्री)
- हंसराज हंस (सूफी गायक एवं पूर्व सांसद)
- सुप्रिया यार्लागड्डा (तेलुगु फिल्म निर्माता)
- नील माधव पांडा (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक)
- अभिषेक जैन (गुजराती सिनेमा के फिल्म निर्माता व निर्देशक)
- निशिगंधा वाड (मराठी एवं हिंदी अभिनेत्री व लेखिका)
- वामन केंद्रे (प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक)
- यतींद्र मिश्र (विख्यात लेखक एवं कवि)
- विनोद अनुपम (राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म समीक्षक)
- रमेश पतंगे (वरिष्ठ लेखक एवं विचारक)
इस 18 सदस्यीय बोर्ड में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पांच महिला सदस्यों को स्थान दिया गया है.
शशि शेखर वेम्पति के नेतृत्व में काम करेगा बोर्ड
रिपोर्ट के अनुसार, यह नवगठित बोर्ड सीबीएफसी अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति के निर्देशन में काम करेगा.
- केंद्र सरकार ने मई 2026 में प्रसार भारती के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शशि शेखर वेम्पति को तीन साल के कार्यकाल के लिए सीबीएफसी का अध्यक्ष नियुक्त किया था. उन्होंने प्रसून जोशी का स्थान लिया था, जिन्हें प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया था.
- यह पुनर्गठन 'सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952' की धारा 3(1) और 'सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रूल्स, 2024' के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है.
9 साल बाद हुआ बोर्ड का औपचारिक पुनर्गठन
रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीएफसी का अंतिम औपचारिक पुनर्गठन अगस्त 2017 में हुआ था.
- तीन साल का तय कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी नया बोर्ड गठित न होने के कारण पुराने सदस्य ही नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे.
- पिछले बोर्ड में शामिल सदस्यों में से केवल वामन केंद्रे और रमेश पतंगे को इस नए पैनल में बरकरार रखा गया है, जबकि विद्या बालन, विवेक अग्निहोत्री, बाईचुंग भूटिया और वाणी त्रिपाठी टिक्कू सहित अन्य सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया है.
क्या है सीबीएफसी की भूमिका और जिम्मेदारी?
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जो देश में फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन (सार्वजनिक रिलीज) को विनियमित और प्रमाणित करने के लिए उत्तरदायी है:
- भारत में सिनेमाघरों या सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित होने वाली प्रत्येक फीचर फिल्म, लघु फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और ट्रेलर को प्रदर्शन से पूर्व सीबीएफसी से प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य होता है.
- नवगठित बोर्ड के सदस्य फिल्म प्रमाणन श्रेणियों (जैसे U, UA, A, S), संपादन, दृश्य व संवाद संशोधनों और फिल्म निर्माताओं द्वारा दायर की जाने वाली पुनर्विचार याचिकाओं (Revising Committees) की समीक्षा में नीतिगत और विनियामक भूमिका निभाएंगे.