नई दिल्ली: देश में २१ जून २०२६ को होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा से ठीक एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) (NTA) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. नागपुर (Nagpur) के रहने वाले एक परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड (Admit Card) पर परीक्षा केंद्र भारत के बजाय करीब २५०० किलोमीटर दूर अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) दर्ज मिला. इस भारी चूक को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार और एनटीए पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़' करार दिया है. यह भी पढ़ें: NEET UG 2026 Re-Exam: परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार, जुलाई में होगी अगली सुनवाई
पहली पसंद नागपुर थी, पर मिला विदेश का सेंटर
नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने जब री-नीट २०२६ (Re-NEET 2026) परीक्षा के लिए आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो वह दंग रह गए. छात्र ने आवेदन फॉर्म भरते समय पहली प्राथमिकता के तौर पर नागपुर, फिर वर्धा और भंडारा को चुना था, लेकिन एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र 'अबू धाबी इंडियन स्कूल' (UAE) लिखा हुआ था.
छात्र के पिता मोहम्मद तालिब के मुताबिक, उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है और न ही परिवार के पास इतनी जल्दी उसे विदेश भेजने के लिए पैसे और समय था. इस गड़बड़ी के कारण छात्र बेहद तनाव में आ गया और रात भर रोता रहा. परिवार ने तुरंत एनटीए की हेल्पलाइन पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई.
राहुल गांधी ने NEET में गड़बड़ी को लेकर NTA की आलोचना की
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा… https://t.co/TJOHUBnFDB
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 20, 2026
राहुल गांधी का तीखा हमला: "यह परीक्षा तंत्र नहीं, वसूली है"
इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट कर सरकार को आड़े हाथों लिया. राहुल गांधी ने लिखा, "नागपुर का एक बच्चा महीने भर से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था. परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसका सेंटर अबू धाबी निकला! न पासपोर्ट है, न विदेश भेजने के पैसे. वह रात भर रोया और परीक्षा देने से इनकार कर रहा है. क्या आप इस तनाव की कल्पना कर सकते हैं?"
राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सिस्टम बच्चे को उसके अपने शहर में सेंटर नहीं दे सकता, उसे परीक्षा कराने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कोटा में छात्रों के साथ हुई अपनी हालिया बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि यह अब शिक्षा प्रणाली नहीं रह गई है, बल्कि पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की 'वसूली' का जरिया बन चुकी है. उन्होंने मांग की कि बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद होना चाहिए.
एनटीए ने दी सफाई, तकनीकी खराबी बताकर सुधारी गलती
मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा आलोचना के बाद नेशनल Testing एजेंसी (NTA) ने त्वरित सफाई जारी की. एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि यह एक तकनीकी खामी (Technical Glitch) के कारण हुआ था. एजेंसी ने शिकायत का तुरंत संज्ञान लेते हुए छात्र के विवरण का सत्यापन किया और कुछ ही घंटों के भीतर त्रुटि को सुधार लिया.
संशोधित एडमिट कार्ड जारी करते हुए छात्र को अब नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है. पूर्व महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने भी इस घटना को एक बेहद गंभीर लापरवाही बताया था और एनटीए से इसे तुरंत ठीक करने का आग्रह किया था.
कड़ी सुरक्षा के बीच कल होगी री-नीट परीक्षा
उल्लेखनीय है कि मई २०२६ में हुई मूल नीट-यूजी परीक्षा के दौरान पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया था, जिसकी जांच सीबीआई (CBI) कर रही है. अब २१ जून को होने वाली इस दोबारा परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए एनटीए ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं.
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी, आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. प्रश्नपत्रों और गोपनीय सामग्रियों को जीपीएस (GPS) से लैस वाहनों में पुलिस सुरक्षा के साथ भेजा जा रहा है. देश और विदेश के कुल ५६५ शहरों में होने वाली इस परीक्षा में २२ लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होने जा रहे हैं.













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