NEET UG पेपर लीक मामला: दिल्ली कोर्ट ने आरोपी यश यादव को हिरासत में पढ़ाई के लिए किताबों की दी अनुमति, 21 जून को होनी है परीक्षा
दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार, 2 जून 2026 को नीट यूजी पेपर लीक मामले के एक आरोपी यश यादव को 21 जून को होने वाली परीक्षा की तैयारी के लिए हिरासत में किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी है. यह फैसला आरोपी द्वारा दायर उस याचिका पर आया है जिसमें उसने हिरासत में रहते हुए पढ़ने की अनुमति मांगी थी. दूसरी ओर, सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए 10 लाख रुपये में प्रश्नपत्र का सौदा किया गया था, जिसकी परतें खोलने के लिए आरोपियों की रिमांड जरूरी है.
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नई दिल्ली, 2 जून: नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक (Paper Leak) मामले में एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मोड़ सामने आया है. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने मंगलवार को इस मामले के एक प्रमुख आरोपी यश यादव (Yash Yadav) को आगामी 21 जून को होने वाली नीट यूजी परीक्षा (NEET UG Exam) की तैयारी के लिए जेल या हिरासत में किताबें और अध्ययन सामग्री हासिल करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) इस कथित संगठित पेपर लीक नेटवर्क और इसके पीछे की व्यापक साजिश की गहन जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: NTA ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- छात्रों के हित और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए लिया गया फैसला
आरोपी यश यादव की याचिका पर कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी यश यादव ने अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर अनुरोध किया था कि उसे 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) के लिए तैयारी करने हेतु अध्ययन सामग्री और किताबें रखने की इजाजत दी जाए. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मानवीय और शैक्षणिक आधार पर इस याचिका को स्वीकार कर लिया. यह आदेश एक जारी आपराधिक जांच और उसी मामले के एक आरोपी के शैक्षणिक करियर के बीच के असामान्य टकराव को उजागर करता है.
सीबीआई का दावा: 10 लाख रुपये में हुआ था पेपर का सौदा
सीआईबी द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और बयानों के अनुसार, इस पेपर लीक मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार और यश यादव शामिल हैं.
जांचकर्ताओं का आरोप है कि जयपुर से गिरफ्तार मांगीलाल बिवाल ने नासिक के शुभम खैरनार से प्रश्नपत्र प्राप्त करने के लिए गुरुग्राम के यश यादव से संपर्क किया था. सीबीआई ने अदालत को बताया कि मांगीलाल ने कथित तौर पर यश यादव से लीक हुआ नीट का प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान किया था. पूछताछ में एक अन्य आरोपी विकास बिवाल ने बताया कि वह कोचिंग क्लास के दौरान यश यादव के संपर्क में आया था, जिसके बाद इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया.
प्रारंभिक जांच और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपियों की रिमांड मंजूर करते हुए कहा कि मामला शुरुआती चरण में है और इसके पीछे एक बहुत बड़ी साजिश दिखाई दे रही है. कोर्ट ने माना कि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने, अन्य संलिप्त लोगों की पहचान करने और महत्वपूर्ण सबूतों की बरामदगी के लिए आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करना अनिवार्य है.
जांच एजेंसी ने यह चिंता भी जताई कि कुछ आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले अपने मोबाइल फोन से डिजिटल डेटा डिलीट कर दिया है, जो सीधे तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ का मामला है. मांगीलाल बिवाल के मोबाइल फोन से कुछ प्रश्नपत्र भी बरामद किए गए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026 Paper Leak Case: दिल्ली कोर्ट ने आरोपी कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर की सीबीआई कस्टडी एक दिन और बढ़ाई
सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता की जांच
अभियोजन पक्ष (CBI) ने अदालत में दलील दी कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोक सेवकों (Public Servants) की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता. इस व्यापक नेटवर्क और अधिकारियों के कनेक्शन को खंगालने के लिए सीबीआइ को और समय चाहिए.
दूसरी तरफ, आरोपियों की ओर से पेश कानूनी सहायता वकील ने इन गिरफ्तारियों को अवैध बताते हुए दलील दी कि आरोपी भय के माहौल में हैं, हालांकि अदालत ने सबूतों और सीबीआइ की दलीलों को ध्यान में रखते हुए रिमांड की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2026 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

