NEET-UG 2026 Paper Leak: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की जांच का सामना कर रहे 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है. पिछली हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) के समक्ष पेश किया गया था. अदालत ने जिन आरोपियों की हिरासत बढ़ाई है, उनमें यश यादव, मंगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरूरे शामिल हैं. इस मामले में सीबीआई अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और पेपर लीक के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है. यह भी पढ़ें: NEET UG 2026 Re-Exam Admit Card Released: नीट यूजी री-एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी, 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा; ऐसे डाउनलोड करें अपना हॉल टिकट
जेल के अंदर आरोपियों से पूछताछ करेगी CBI
राउज एवेन्यू कोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसी को एक और बड़ी राहत दी है. अदालत ने सीबीआई को आरोपी शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे से जेल के अंदर क्रमशः 17, 18 और 19 जून को पूछताछ करने की अनुमति दे दी है. चल रही तफ्तीश के हिस्से के रूप में जांच एजेंसी को प्रत्येक आरोपी से एक घंटे तक पूछताछ करने का समय मिला है.
लीक नेटवर्क में किसकी क्या थी भूमिका?
इससे पहले 1 जून को कोर्ट ने लातूर के डॉक्टर मनोज शिरूरे, पुणे के तेजस हर्षदकुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को 15 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा था. सीबीआई का आरोप है कि लातूर के डॉक्टर शिरूरे ने मुख्य सरगना पी.वी. कुलकर्णी से परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल किए थे और उन्हें एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे सहित तीन छात्रों तक पहुंचाया था. वहीं, पुणे की अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी तेजस शाह पर सह-आरोपी मनीषा हवलदार से लीक हुए फिजिक्स के प्रश्न प्राप्त करने का आरोप है.
इसके अतिरिक्त, पुणे की शिक्षा सलाहकार मनीषा वाघमारे पर उन छात्रों को इकट्ठा करने और मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप है, जिन्होंने विशेष कोचिंग सत्रों में शामिल होने के लिए लाखों रुपये दिए थे. इन विशेष सत्रों में वही प्रश्न बोलकर लिखवाए और समझाए गए थे जो बाद में नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में आए. जांच एजेंसी के अनुसार, वाघमारे ने इन छात्रों को एनटीए (NTA) द्वारा नियुक्त सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे के विशेष सत्रों तक पहुंचाया था, जिसे बायोलॉजी पेपर लीक की सह-मास्टरमाइंड माना जा रहा है. जांच एजेंसी ने केमिस्ट्री के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य सरगना (Kingpin) बताया है.
21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की तैयारियां तेज
यह पूरा मामला मई में आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ा है, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने 12 मई को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी. पेपर लीक के आरोपों के बाद मई की मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और अब केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली री-एग्जामिनेशन (दोबारा परीक्षा) की तैयारियों में जुटी है.
री-टेस्ट की तैयारियों के बीच, कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनथन ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता और गोपनीयता को बाधित या प्रभावित करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ "कानून की पूरी ताकत" के साथ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.
सरकार ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसके तहत प्रश्नपत्रों के परिवहन (Transportation) के लिए भारतीय वायु सेना की मदद ली जा रही है. साथ ही, सुरक्षित माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों की मदद हेतु सीआरपीएफ (CRPF) और सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को तैनात किया गया है. एनटीए ने इस बार उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने और रफ वर्क के लिए उत्तर पुस्तिकाओं में अधिक जगह उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है.












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