NEET Row: ‘पीएम मोदी पद छोड़कर इन्फ्लुएंसर बन जाएं’; नीट विरोध प्रदर्शन के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का बड़ा बयान
दिल्ली में 36 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. दिपके ने आरोप लगाया कि पेपर लीक से परेशान छात्रों की सुध लेने के बजाय सरकार प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही है.
छत्रपति संभाजीनगर: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है.
दिल्ली से अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) लौटने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री छात्रों की समस्याओं का समाधान करने और परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में असमर्थ हैं, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए. यह भी पढ़ें: 'Amit Shah Must Go': प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का हमला, गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग (Video)
"इन्फ्लुएंसर का काम बेहतर कर रहे हैं पीएम"
सोशल मीडिया और अभियानों के जरिए छात्रों को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्री के वीडियो पर कटाक्ष करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा:
"प्रधानमंत्री मोदी को अब एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए. वह इन्फ्लुएंसर के रूप में अच्छा काम कर रहे हैं. उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली कर देनी चाहिए ताकि कोई अन्य नेता देश चलाने और युवाओं के मुद्दों को सुलझाने की जिम्मेदारी संभाल सके."
दिपके ने आगे कहा कि देश के युवाओं को सोशल मीडिया संदेशों की नहीं, बल्कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत है.
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने PM मोदी पर निशाना साधा
प्रदर्शनकारी छात्रों के उत्पीड़न का आरोप
CJP संस्थापक ने केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों पर आंदोलन खत्म होने के बाद छात्रों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों के घरों पर जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकियां दे रहे हैं.
दिपके ने चेतावनी देते हुए कहा, "प्रदर्शनकारी छात्र कोई आतंकी नहीं हैं, वे इस देश का भविष्य हैं. यदि सरकार ने छात्रों का उत्पीड़न और दमन बंद नहीं किया, तो आगामी चुनावों में युवा इस सरकार को करारा सबक सिखाएंगे."
पेपर लीक कानून और नई कानूनी व्यवस्था पर उठाए सवाल
हाल ही में लागू किए गए पेपर लीक विरोधी कड़े कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले प्रधानमंत्री ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट का वादा किया था, लेकिन इस मामले की पहली ही सुनवाई में सीबीआई (CBI) के वकील के उपस्थित न होने के कारण मामला टाल दिया गया.
उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक विवाद को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच संसद से लेकर सड़कों तक विरोध जारी है. जहां सरकार कड़े कानून पारित कर अपनी प्रतिबद्धता जता रही है, वहीं छात्र संगठन पूर्ण जवाबदेही और सुधारों की मांग पर अड़े हुए हैं.