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Nagpur Chlorine Gas Leak: नागपुर में क्लोरीन गैस लीक होने से कई लोगों की बिगड़ी तबीयत; सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती; VIDEO

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार यह हादसा रात लगभग 12:30 से 12:45 बजे के बीच हुआ. संयंत्र से गैस का रिसाव होते ही धुएं जैसा माहौल बन गया और तेज गंध फैलने लगी. घटना की जानकारी मिलते ही मानकापुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची.

Nagpur Chlorine Gas Leak: नागपुर में क्लोरीन गैस लीक होने से कई लोगों की बिगड़ी तबीयत; सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती; VIDEO
Nagpur Chlorine Gas Leak

Nagpur Chlorine Gas Leak: नागपुर के गोधनी क्षेत्र स्थित जलशोधन संयंत्र में रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई. गैस फैलने के कारण आसपास के रहवासियों को सांस लेने में भारी तकलीफ और आंखों में जलन का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर व्यापक राहत अभियान शुरू किया. प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 40 से अधिक लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है.

देर रात हुआ रिसाव, पुलिस ने घर-घर जाकर निकाला

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार यह हादसा रात लगभग 12:30 से 12:45 बजे के बीच हुआ. संयंत्र से गैस का रिसाव होते ही धुएं जैसा माहौल बन गया और तेज गंध फैलने लगी. घटना की जानकारी मिलते ही मानकापुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची.

पुलिस का स्टेटमेंट

नागपुर में क्लोरीन गैस लीक

पुलिस निरीक्षकों और गश्ती दलों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घर-घर जाकर नागरिकों को जगाया और पुलिस वाहनों व एम्बुलेंस के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया. अफरा-तफरी के बीच पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा होने से टल गया.

संयंत्र के आसपास 200 मीटर का दायरा 'नो-मैन-लैंड' घोषित

सुरक्षा उपायों के तहत पुलिस और बचाव दलों ने जलशोधन संयंत्र के चारों ओर 200 मीटर के क्षेत्र को बैरिकेडिंग करके 'नो-मैन-लैंड' बना दिया है. आम नागरिकों की आवाजाही को इस क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.

अग्निशमन विभाग और NDRF ने संयुक्त रूप से न्यूट्रलाइजेशन प्रक्रिया चलाकर गैस रिसाव पर 90 प्रतिशत से अधिक नियंत्रण पा लिया है. विशेषज्ञों के अनुसार क्लोरीन के 900 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर से रिसाव शुरू हुआ था, जिसे बाद में कास्टिक सोडा युक्त पानी के टैंक में डालकर बेअसर किया गया.

अस्पताल में इलाज जारी, स्थिति खतरे से बाहर

गैस की चपेट में आने से प्रभावित हुए लोगों में से 40 नागरिकों का उपचार स्थानीय मेयो अस्पताल तथा अन्य निजी अस्पतालों में चल रहा है. उपचार के बाद लगभग 12 से 13 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है. आईसीयू में भर्ती 3 से 4 मरीजों की स्थिति भी स्थिर बताई जा रही है. इस घटना में किसी भी इंसानी जान का नुकसान नहीं हुआ है, हालांकि एक आवारा कुत्ते की मृत्यु की पुष्टि हुई है.

प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान

मानकापुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और NDRF प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. अधिकारियों ने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है.

सुरक्षा के लिहाज से संयंत्र परिसर को अगले दो से तीन दिनों के लिए पूरी तरह सील रखने और आसपास के लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).