मुंबई झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में जमा हुआ करीब 90% पानी, क्या मायानगरी में 10 फीसदी पानी कटौती होगी खत्म?
मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सातों झीलों में जलस्तर बढ़कर 89.08 प्रतिशत तक पहुंच गया है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की रिपोर्ट के बाद मुंबईकरों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि शहर में जारी पानी की कटौती जल्द खत्म हो सकती है.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मुंबईकरों के लिए राहत की खबर सामने आई है. मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सातों झीलों का कुल जलस्तर बढ़कर 89.08 प्रतिशत तक पहुंच गया है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर जलभराव के ताजा आंकड़े जारी किए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण जलाशयों में जलभराव तेजी से बढ़ा है, जिससे शहर पर मंडरा रहा जल संकट अब लगभग टल गया है.
24 घंटे में जलस्तर में सुधार
बीएमसी द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार, 1 अगस्त को इन सातों झीलों में कुल 88.41 प्रतिशत पानी जमा था. पिछले 24 घंटों में जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में हुई वर्षा से जलस्तर में 0.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 89.08 फीसदी हो गया है.
बीएमसी का पोस्ट
क्या खत्म होगी 10 फीसदी पानी की कटौती?
झीलों में पानी का स्टॉक 89 फीसदी से अधिक होने के बाद अब शहरवासियों की निगाहें बीएमसी के फैसले पर टिकी हैं. पिछले दिनों कम जलभराव के चलते मुंबई में लागू की गई 10 फीसदी पानी की कटौती को वापस लेने की मांग तेज हो गई है. हालांकि, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मानसून के मौसम और आगामी दिनों में जल भंडारण की समग्र स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही पानी कटौती हटाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
इन 7 झीलों से होती है मुंबई को पानी की सप्लाई
मुंबई शहर और उपनगरों की रोजाना पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सात प्रमुख जलाशयों से जलापूर्ति की जाती है. ये झीलें मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में फैली हुई हैं.
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अपर वैतरणा (Upper Vaitarna): कुल क्षमता का लगभग 74-78% जलभराव.
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मोदक सागर (Modak Sagar): पूर्ण क्षमता के साथ ओवरफ्लो.
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तानसा (Tansa): 98% से अधिक जलभराव.
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मध्य वैतरणा (Middle Vaitarna): 87-92% जलभराव.
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भातसा (Bhatsa): सबसे बड़ा जलाशय, लगभग 87% जल स्तर.
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विहार (Vihar): ओवरफ्लो स्थिति.
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तुलसी (Tulsi): ओवरफ्लो स्थिति.
इन झीलों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 14.47 लाख मिलियन लीटर है. लगातार हो रही बारिश से तुलसी, विहार, तानसा और मोदक सागर जैसी झीलें पहले ही लबालब होकर बहने लगी हैं, जिससे शहर में पानी की स्थिति में काफी सुधार आया है.