Mumbai Water Lake Update: मुंबई को जलापूर्ति करने वाली झीलों का जलस्तर 97 प्रतिशत के पार, शहर पर मंडराता जल संकट टला
मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सातों झीलों का जलस्तर भारी बारिश के बाद 97 प्रतिशत के करीब पहुँच गया है. भातसा, विहार और तुलसी जैसी प्रमुख झीलों में जल भंडारण में बढ़ोतरी से मुंबईकरों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
Mumbai Water Lake Update: मायानगरी मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में हुई लगातार बारिश के कारण झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर को पानी देने वाली सातों झीलों का कुल जल भंडारण 97 प्रतिशत के पार पहुँच गया है.
जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा होने से आगामी महीनों के दौरान मुंबई में पेयजल संकट की आशंका खत्म हो गई है. इस सकारात्मक बढ़ोतरी के बाद नगर निगम प्रशासन ने शहर में पानी की कटौती से राहत की समीक्षा शुरू कर दी है. यह भी पढ़े: मुंबई की झीलों में जलस्तर 96.41% पहुंचा, मायानगरी में रहने वालों की पानी की चिंता खत्म! लबालब भरने के करीब जलाशय
सातों झीलों में पानी की वर्तमान स्थिति
मुंबई की जलापूर्ति मुख्य रूप से सात झीलों—भातसा, ऊपरी वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी—पर निर्भर करती है.
बीएमसी के भांडुप मास्टर कंट्रोल सेंटर की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, झीलों की कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर की तुलना में वर्तमान में 14,10,000 मिलियन लीटर से अधिक जल भंडारण दर्ज किया गया है.
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पूर्ण भरी झीलें: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित विहार (Vihar) और तुलसी (Tulsi) झीलें 100 प्रतिशत भर चुकी हैं.
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भातसा झील: मुंबई को सबसे अधिक पानी की आपूर्ति करने वाली भातसा झील का जलस्तर लगभग 99.27 प्रतिशत तक पहुँच गया है.
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अन्य जलाशय: मध्य वैतरणा और तानसा झीलों का जलस्तर भी 96 से 98 प्रतिशत के बीच बना हुआ है, जबकि ऊपरी वैतरणा और मोदक सागर 93 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं.
सितंबर में भारी बारिश से हुआ जलस्तर में सुधार
अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश ने झीलों के जलस्तर को तेजी से बढ़ाया है. मानसून की शुरुआत में जलाशयों में जल स्तर काफी नीचे चला गया था, लेकिन हालिया वर्षा से स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है.
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, यदि मानसून के शेष दिनों में कैचमेंट क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहती है, तो सभी सातों झीलें 100 प्रतिशत क्षमता तक पहुँच जाएंगी.
पूरे साल की जलापूर्ति के लिए 14.47 लाख मिलियन लीटर की आवश्यकता
मुंबई शहर को रोजाना लगभग 3,950 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है. पूरे वर्ष बिना किसी कटौती के जलापूर्ति बनाए रखने के लिए 1 अक्टूबर तक सातों झीलों में कुल 14.47 लाख मिलियन लीटर (100% क्षमता) पानी का होना अनिवार्य माना जाता है.
बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान जल भंडारण लगभग 350 से अधिक दिनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. नगर निगम आने वाले दिनों में स्थिति का आकलन कर जल कटौती हटाने के संबंध में अंतिम निर्णय लेगा
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2026 09:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

