देश

Mumbai: शिवसेना (यूबीटी) ने पहलगाम हमले को लेकर केंद्र सरकार से पूछा सवाल, ‘सामना’ में साधा निशाना

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने इस हमले में 26 लोगों की मौत के लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कश्मीर में बढ़ती हिंसा पर सवाल उठाए.

Mumbai: शिवसेना (यूबीटी) ने पहलगाम हमले को लेकर केंद्र सरकार से पूछा सवाल, ‘सामना’ में साधा निशाना
Uddhav Thackeray (Photo Credits Shivsen UBT)

मुंबई, 24 अप्रैल : शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने इस हमले में 26 लोगों की मौत के लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कश्मीर में बढ़ती हिंसा पर सवाल उठाए. ‘सामना’ में लिखा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदमों की बात करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आतंकी सीमा पार कर भारत में घुस रहे हैं और निर्दोष हिंदुओं की हत्या कर रहे हैं.

संपादकीय में दावा किया गया कि आतंकी पर्यटकों को संदेश देकर कहते हैं, “जाओ, मोदी को बताओ कि क्या हुआ.” शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कश्मीर में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है. पार्टी ने मुखपत्र में कहा कि जब बंगाल में हिंसा होती है, तो ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की जाती है, लेकिन कश्मीर में बार-बार होने वाली हिंसा के लिए केंद्र सरकार जवाबदेही से बच रही है. यह भी पढ़ें : J&K Encounter: उधमपुर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक जवान शहीद, गोलीबारी जारी

‘सामना’ में अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए गए. संपादकीय में लिखा है कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया और दावा किया गया कि घाटी से आतंकवाद खत्म हो जाएगा. लेकिन, इसके बाद भी हिंसा नहीं रुकी. 2019 से अब तक घाटी में 198 सुरक्षाकर्मी, 135 नागरिक और 700 संदिग्ध आतंकी मारे गए हैं, जो यह दर्शाता है कि कश्मीर में शांति नहीं है.

शिवसेना (यूबीटी) ने 2014 के चुनाव में कश्मीरी पंडितों के लिए किए गए वादों को भी याद दिलाया. पार्टी ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का वादा पूरा नहीं हुआ, उल्टा हिंदू घाटी से पलायन कर रहे हैं. ‘सामना’ में केंद्र से सवाल किया गया कि अनुच्छेद 370 हटाने से क्या हासिल हुआ, जब घाटी में हर दिन खून बह रहा है.

पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली. इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा किया है. शिवसेना (यूबीटी) ने केंद्र से कश्मीर में शांति स्थापित करने और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2025 11:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).