Mumbai Rains: मूसलाधार बारिश से लबालब भरी पवई झील ओवरफ्लो हुई, सबवे बंद होने और जलभराव से यातायात प्रभावित (Watch Video)
पवई झील हुई लबालब (Photo Credits: X)

मुंबई (Mumbai) और उसके आसपास के इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) के चलते बुधवार, 1 जुलाई 2026 की सुबह ऐतिहासिक पवई झील (Powai Lake) अपनी पूरी क्षमता से भरकर ओवरफ्लो होने लगी है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, झील सुबह लगभग 5:30 बजे ओवरफ्लो स्तर को पार कर गई. चालू मानसून सीजन (Monsoon Season) में मुंबई की किसी बड़ी झील का इस तरह लबालब होना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. पिछले 24 घंटों में शहर और विशेष रूप से पूर्वी उपनगरों में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण झील का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. यह भी पढ़ें: मुंबई में भारी बारिश का कहर: अंधेरी ईस्ट के मरोल मिलिट्री रोड पर गिरा विशालकाय पेड़, 2 लोग घायल; भीषण ट्रैफिक जाम (Watch Video)

पीने के पानी के लिए नहीं, औद्योगिक उपयोग में आता है पानी

साल 1890 में बनाई गई यह कृत्रिम झील पूरी तरह से भरने पर लगभग 2.23 वर्ग किलोमीटर के जल क्षेत्र में फैल जाती है, जिसका जलग्रहण क्षेत्र (Catchment Area) 6.61 वर्ग किलोमीटर है. इस झील की कुल भंडारण क्षमता 545 करोड़ (5,455 मिलियन) लीटर है.

नागरिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुंबई के मुख्य वाटर ग्रिड के विपरीत, पवई झील का पानी शहर की घरेलू पेयजल आपूर्ति में शामिल नहीं किया जाता है. बीएमसी इस झील के पानी का प्रबंधन विशेष रूप से वाणिज्यिक राजधानी की औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करती है. झील का अतिरिक्त पानी प्राकृतिक रूप से मीठी नदी में बह जाता है और वहां से अरब सागर में मिल जाता है.

मुख्य पेयजल जलाशयों के जलस्तर में मामूली सुधार

इस भारी बारिश से मुंबई की प्राथमिक पेयजल बुनियादी ढांचा प्रणालियों को मामूली लेकिन महत्वपूर्ण राहत मिली है. मुंबई अपनी दैनिक जलापूर्ति के लिए सात आंतरिक जलाशयों — भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी पर निर्भर है, जिनकी कुल क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर से अधिक है.

इस बारिश से पहले, मानसून में देरी के कारण इन सातों झीलों का कुल उपयोगी जल स्टॉक घटकर केवल 6.75% के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया था. हालांकि, मंगलवार रात और बुधवार को हुई बारिश के बाद यह कुल स्टॉक थोड़ा सुधरकर 7.18% हो गया है. इस मामूली बढ़त के बावजूद बीएमसी अधिकारी जल स्तर पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि मौजूदा स्टॉक इस अवधि के ऐतिहासिक औसत से काफी कम है.

लगातार भारी बारिश के बाद पोवई झील ओवरफ़्लो हो गई 

शहर में भारी जलभराव, अंधेरी सबवे बंद

जिस मूसलाधार बारिश ने पवई झील को लबालब किया, उसी के चलते मुंबई के शहरी बुनियादी ढांचे को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने क्षेत्र के लिए वेदर अलर्ट जारी किया है, क्योंकि कई वेदर स्टेशनों ने पिछले 24 घंटों के भीतर 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की है.

बारिश के कारण दादर, सायन और कुर्ला सहित कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) हो गया है. पश्चिमी उपनगरों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण अंधेरी सबवे (Andheri Subway) को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे वाहनों को नजदीकी फ्लाईओवर की ओर डायवर्ट किया गया. सुबह के व्यस्त समय (पीक ऑवर्स) के दौरान वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी जमा होने और पेड़ गिरने की मामूली घटनाओं के चलते यात्रियों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले समय में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.