Mumbai High Tide: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मानसून बेहद सक्रिय हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके उपनगरों में शनिवार और रविवार (4-5 जुलाई) के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने तटीय इलाकों के लिए 'हाई टाइड' की गंभीर चेतावनी जारी की है.
दोपहर 2:50 बजे आएगा हाई टाइड, तटीय इलाकों में अलर्ट
बीएमसी के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, आज दोपहर 2:50 बजे समुद्र में 4.26 मीटर ऊंची लहरें उठने (High Tide) की संभावना है. यदि इस दौरान मूसलाधार बारिश जारी रहती है, तो निचले इलाकों में भारी जलभराव और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नागरिकों और पर्यटकों को मरीन ड्राइव, गिरगाम चौपाटी, जुहू और दादर जैसे समुद्र तटों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. यह भी पढ़े: Maharashtra Rain Alert: मुंबई सहित महाराष्ट्र में भारी बारिश का रेड अलर्ट, मदद के लिए CM फडणवीस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर; नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड बारिश
शनिवार सुबह 8:00 बजे तक दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, मुंबई शहर में 99 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. वहीं, पूर्वी उपनगरों (Eastern Suburbs) में 98 मिमी और पश्चिमी उपनगरों (Western Suburbs) में 94 मिमी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुंबई के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भी अगले दो दिन बेहद संवेदनशील रहेंगे. सोमवार (6 जुलाई) से बारिश की तीव्रता में मामूली कमी आ सकती है, जिसके लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और मंगलवार (7 जुलाई) के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है.
मुंबई को पानी देने वाली झीलों का ताजा जलस्तर
भारी बारिश के बावजूद मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. बीएमसी की शनिवार सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाली सात प्रमुख झीलों में फिलहाल कुल क्षमता का केवल 9.41 प्रतिशत (1,36,137 मिलियन लीटर) पानी ही उपलब्ध है. इन झीलों की कुल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है.
मुंबई की जलापूर्ति मुख्य रूप से अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, भातसा, तानसा, तुलसी, मोदक सागर और विहार झीलों पर निर्भर करती है, जो मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में फैली हुई हैं. हालांकि मौजूदा बारिश से जलस्तर में आंशिक सुधार हुआ है, लेकिन जल संकट से पूरी तरह उबरने के लिए इन कैचमेंट एरिया में और अधिक लगातार बारिश की आवश्यकता है.













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