Mumbai Monsoon Update: क्या इस हफ्ते मुंबई में होगी बारिश? IMD ने जारी किया ताजा पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अनुकूल मौसमी प्रणालियों के न होने से महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार थम गई है. मुंबई और पश्चिमी तट के लोगों को भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है.
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Mumbai Monsoon Update: मुंबई और भारत के पश्चिमी तट के एक बड़े हिस्से को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की झमाझम बारिश के लिए अभी थोड़ा लंबा इंतजार करना होगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार, 18 जून 2026 को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि अगले पांच दिनों तक मॉनसून की रफ्तार में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. देश में मॉनसून सीजन की शुरुआत से अब तक कुल बारिश में 38% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है. मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में केवल पूर्वी छोर पर ही मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी शाखा 22 जून तक पूरी तरह शांत रहने के आसार हैं.
अरब सागर में कमजोर पड़ी मानसूनी हवाएं
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, वर्तमान में अरब सागर के ऊपर नमी का स्तर काफी कमजोर है. इस वजह से पश्चिमी तट पर मॉनसून को आगे बढ़ने के लिए जरूरी ऊर्जा नहीं मिल पा रही है. हालांकि, आगामी 23 जून से पश्चिमी हिस्से में मौसमी गतिविधियों में सुधार होने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 8 जून को दक्षिण कोंकण और उससे सटे दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पहुंचा था, लेकिन तब से इसकी उत्तरी सीमा हरनाई और सोलापुर के पास ही ठहरी हुई है. यह भी पढ़े: Maharashtra Monsoon Update: महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, IMD का पूर्वानुमान, 24-25 जून से बारिश होने की उम्मीद
बारिश की कमी का आंकड़ा
मौसम विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में मॉनसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. लेकिन देशव्यापी स्तर पर बारिश का आंकड़ा चिंताजनक बना हुआ है. 1 जून से 17 जून के बीच भारत में केवल 46.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का दीर्घकालिक औसत (LPA) 74.3 मिमी होना चाहिए था. मध्य भारत इस देरी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां सामान्य से 62% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है.
विशेषज्ञों का विश्लेषण: कब मिलेगी राहत?
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट वेदर' के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) या डिप्रेशन सक्रिय नहीं है. मॉनसून को गति देने और अरब सागर से पश्चिमी तट की ओर मानसूनी हवाओं को खींचने के लिए ऐसी प्रणालियों का होना आवश्यक होता है. उन्होंने अनुमान जताया है कि मध्य बंगाल की खाड़ी में जल्द ही एक दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है, जिसके बाद मुंबई में 25 जून के आसपास ही व्यापक मानसूनी बारिश शुरू हो पाएगी. यह मुंबई में मॉनसून के आगमन की सामान्य तिथि (11 जून) से लगभग दो सप्ताह की देरी होगी.
कृषि क्षेत्र पर असर और सरकारी सलाह
महाराष्ट्र में मॉनसून की इस सुस्त रफ्तार के कारण राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक जरूरी परामर्श जारी किया है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जब तक राज्य में पर्याप्त और लगातार बारिश न हो जाए, तब तक वे खरीफ फसलों की बुवाई के काम को टाल दें. जल्दबाजी में की गई बुवाई से बीजों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि जून की शुरुआत शुष्क रही है, लेकिन चार महीने के इस मॉनसून सीजन के दौरान आगे चलकर बारिश के प्रदर्शन में सुधार होने की पूरी संभावना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2026 10:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

