Mumbai Metro Line 13: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा तोहफा, मुंबई से विरार तक जल्द दौड़ेगी मेट्रो, कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने महत्वाकांक्षी मेट्रो लाइन 13 परियोजना को मंजूरी दे दी है. 17,724.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर मीरा-भाईंदर को वसई-विरार से सीधे जोड़ेगा.

(Photo Credits WC)

 Mumbai Metro Line 13:  मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने महत्वाकांक्षी मेट्रो लाइन 13 परियोजना को मंजूरी दे दी है. 17,724.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर मीरा-भाईंदर को वसई-विरार से सीधे जोड़ेगा. इस परियोजना से मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में भीड़भाड़ वाली सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को आवागमन का एक तेज़ और सुलभ विकल्प मिलेगा.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया. इसके साथ ही समिति ने पुणे में सोरतापवाड़ी से वारवे-शिवरे रिंग रोड परियोजना के पूर्वी विस्तार को भी प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है.

25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बनेंगे 16 स्टेशन

मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा लागू की जाने वाली मेट्रो लाइन 13 की कुल लंबाई 25.03 किलोमीटर होगी. इस मार्ग का 21.78 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड (ऊंचा) रहेगा, जबकि 3.25 किलोमीटर का मार्ग भूमिगत होगा.

इस पूरे कॉरिडोर में कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 13 एलिवेटेड और 3 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं. यह नया मेट्रो मार्ग मीरा रोड, नायगांव, वसई, नालासोपारा और विरार जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा.

वसई खाड़ी पर बनेगा डबल-डेकर ब्रिज

इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में वसई खाड़ी पर बनने वाला 4.92 किलोमीटर लंबा छह लेन का एकीकृत सड़क-सह-मेट्रो पुल शामिल है, जो पांजू द्वीप को जोड़ेगा. इसके अलावा, डिपो और परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पालघर जिले के चिखल डोंगरी में एक मेट्रो डिपो का प्रस्ताव रखा गया है.

मेट्रो लाइन 13 को उपनगरीय रेलवे स्टेशनों नायगांव, नालासोपारा और विरार से सीधे कनेक्ट किया जाएगा. नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम के पास यह लाइन मौजूदा मेट्रो लाइन 9 से जुड़ेगी, जिससे यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. अंतिम छोर तक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी 16 स्टेशनों पर बस सेवाओं की योजना भी बनाई गई है.

5 साल में पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के लिए लगभग 24.84 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी. मुख्यमंत्री फडणवीस ने संबंधित अधिकारियों को अगले छह महीनों के भीतर भूमि अधिग्रहण और पहुंच मार्गों (अप्रोच रोड) के निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने मंजूरी की तिथि से पांच वर्ष के भीतर इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2031 तक इस मेट्रो लाइन पर रोजाना करीब 4.49 लाख यात्री सफर करेंगे. अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने से सड़क यात्रा के समय में करीब 50 प्रतिशत तक की कमी आएगी.

सार्वजनिक परिवहन के इस नए विकल्प से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब को भी गति मिलने की उम्मीद है.

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