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मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 9 अगस्त तक जलाशयों में जमा हुआ 88.70% पानी, जानें ताजा स्थिति

मुंबई की पेयजल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में जलस्तर की स्थिति बेहतर बनी हुई है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 9 अगस्त तक झीलों में कुल जलभराव 88.70 प्रतिशत दर्ज किया गया है

मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 9 अगस्त तक जलाशयों में जमा हुआ 88.70% पानी, जानें ताजा स्थिति
Mumbai Water Lake

Mumbai Lake Water Levels Today: मुंबई की पेयजल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में जलस्तर की स्थिति बेहतर बनी हुई है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 9 अगस्त तक झीलों में कुल जलभराव 88.70 प्रतिशत दर्ज किया गया है. इससे पहले बीएमसी द्वारा जारी डेटा के अनुसार जलाशयों का जलस्तर 88.50 प्रतिशत दर्ज किया गया था.

मानसून के दौरान कैचमेंट क्षेत्रों में हुई बारिश से जलाशयों में जल स्तर लगातार संतोषजनक स्तर पर बना हुआ है, जिससे मुंबईकरों को राहत मिली है.  यह भी पढ़ें: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में 5 अगत तक कितना जाम हुआ पानी, जानें ताजा स्थिति

7 झीलों से होती है मुंबई को जलापूर्ति

मुंबई शहर और उपनगरों को रोजाना पानी की आपूर्ति करने के लिए कुल 7 झीलें और जलाशय जिम्मेदार हैं. इनमें शामिल हैं:

जलाशयों में जमा हुआ 88.70% पानी

  • अपर वैतरणा (Upper Vaitarna)

  • मोडक सागर (Modak Sagar)

  • तानसा (Tansa)

  • मिडिल वैतरणा (Middle Vaitarna)

  • भातसा (Bhatsa)

  • विहार (Vihar)

  • तुुलसी (Tulsi)

इन सात जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर है. वर्तमान में दर्ज किया गया 88.70% जलसाठा शहर की आने वाले महीनों की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पिछले डेटा और वर्तमान स्थिति की तुलना

बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों जलस्तर 88.50% था, जिसमें अब मामूली बढ़ोतरी के साथ 88.70% का आंकड़ा दर्ज किया गया है.

कुछ झीलों जैसे विहार, तुलसी और मोडक सागर में क्षमता के अनुसार जल स्तर लगभग पूर्ण हो चुका है या ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच गया है. वहीं भातसा और अपर वैतरणा जैसे बड़े जलाशयों में भी पानी का पर्याप्त भंडारण दर्ज किया गया है.

नागरिकों और प्रशासन के लिए राहत

मानसून के शुरुआती दौर में जल स्तर में कमी को देखते हुए बीएमसी सतर्क थी. हालांकि, जुलाई और अगस्त के दौरान हुई अच्छी बारिश ने झीलों को काफी हद तक भर दिया है.

जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि मानसून के शेष दिनों में कैचमेंट क्षेत्रों में इसी तरह की बारिश जारी रहती है, तो पूरे वर्ष के लिए पानी का संकट टल जाएगा. फिलहाल, 88% से अधिक जलभराव होने के कारण शहर में किसी भी बड़े वॉटर कट की संभावना नहीं है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2026 10:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).