मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी में रहने वालों की टेंशन खत्म! 9 सितंबर तक झीलों में 96.45% पानी जमा
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाली झीलों में इस समय कुल 13.95 लाख मिलियन लीटर से अधिक पानी उपलब्ध है. शहर की कुल जल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है.
Mumbai Lake Levels Today: मायानगरी मुंबई में पानी की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा 9 सितंबर की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, इन जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता का 96.45 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है. मानसून सीजन के दौरान जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में हुई अच्छी बारिश से शहर के लिए पानी की चिंता फिलहाल दूर हो गई है.
जलाशयों में पानी की वर्तमान स्थिति
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाली झीलों में इस समय कुल 13.95 लाख मिलियन लीटर से अधिक पानी उपलब्ध है. शहर की कुल जल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी को पानी सप्लाई करने वाली झीलें भरने के करीब, 96.28% स्टॉक जमा
बीएमसी का पोस्ट
सात झीलों में से विहार झील पूरी तरह भरकर 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुंच चुकी है. इसके अलावा तानसा, मोदक सागर और भातसा जैसी बड़ी झीलों में भी उपयोगी जलस्तर 96 से 98 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है.
पिछले वर्षों से जलस्तर की तुलना
इस वर्ष का जल भंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में लगभग समान स्तर पर बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को झीलों में 97.23 प्रतिशत पानी जमा था, जबकि 2024 में इसी अवधि के दौरान जलस्तर 97.75 प्रतिशत दर्ज किया गया था. मामूली अंतर के बावजूद वर्तमान जल भंडार को शहर की जरूरतों के लिहाज से संतोषजनक माना जा रहा है.
मुंबई की जल आपूर्ति का ढांचा
मुंबई शहर और उपनगरों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सात झीलें जिम्मेदार हैं. इनमें भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी शामिल हैं. विहार और तुलसी झीलें मुंबई शहर के भीतर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित हैं, जबकि अन्य प्रमुख जलाशय ठाणे और पालघर जिलों में स्थित हैं.
इन झीलों से रोजाना लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी साफ करके पाइपलाइनों के जरिए शहर में पहुंचाया जाता है. सितंबर माह के मध्य तक 96 प्रतिशत से अधिक जलस्तर होने से आने वाले महीनों में शहर में जलापूर्ति सुचारू रूप से जारी रहने की उम्मीद है.