मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी को पानी सप्लाई करने वाली झीलें जल्द हो सकती हैं लबालब, 25 अगस्त तक 95.72% पानी जमा

बीएमसी (BMC) के आंकड़ों के मुताबिक, सात प्रमुख झीलों - भातसा, अपर वैतरणा, मिडल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी में कुल उपयोगी जलसाठा 13,85,000 मिलियन लीटर से अधिक हो गया है. मुंबई की कुल वार्षिक जल आवश्यकता लगभग 14,47,363 मिलियन लीटर है.

Mumbai Water Lake

मुंबई झीलों का जलस्तर आज: राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख जल स्रोतों और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश से मुंबई की जल आपूर्ति स्थिति में सुधार हुआ है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के जल अभियंता विभाग द्वारा मंगलवार, 25 अगस्त की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर को पीने का पानी आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों का कुल जलसाठा क्षमता के 95.72 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यानी मायानगरी मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें जल्द ही लबालब हो सकती है.

लगातार हो रही बारिश के कारण इन जलाशयों में जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है. इससे आने वाले महीनों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.   यह भी पढ़े:  मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 24 अगस्त तक जलाशयों में 95% से ज्यादा जमा हुआ पानी, पूर्ण क्षमता से महज कुछ फीसदी दूर

जलाशयों में पानी की वर्तमान स्थिति

बीएमसी (BMC) के आंकड़ों के मुताबिक, सात प्रमुख झीलों - भातसा, अपर वैतरणा, मिडल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी में कुल उपयोगी जलसाठा 13,85,000 मिलियन लीटर से अधिक हो गया है. मुंबई की कुल वार्षिक जल आवश्यकता लगभग 14,47,363 मिलियन लीटर है.

वर्तमान में, विहार और मोदक सागर जैसे प्रमुख जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता पर पहुंच चुके हैं और ओवरफ्लो हो रहे हैं. जबकि भातसा और तानसा बांधों में भी जलस्तर 95 प्रतिशत से ऊपर दर्ज किया गया है.

प्रमुख झीलों का जलस्तर और क्षमता

मुंबई को प्रतिदिन लगभग 3,950 मिलियन लीटर पानी आपूर्ति की जाती है. सात झीलों की स्थिति इस प्रकार है:

जल कटौती और आगामी समीक्षा

बीएमसी के अधिकारियों के अनुसार, जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण होने से मुंबईकरों के लिए आने वाले वर्ष के लिए पेयजल की उपलब्धता मजबूत हुई है. मानसून सीजन की शुरुआत में जलस्तर कम होने के कारण लागू की गई 10 प्रतिशत जल कटौती की समीक्षा बीएमसी द्वारा की जा रही है.

मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. जलस्तर 95 प्रतिशत से अधिक होने के बाद, प्रशासन शेष मानसून अवधि के दौरान वर्षा के रुझान पर निगरानी रख रहा है.

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