मुंबई में दर्दनाक हादसा: साकीनाका में फोन पर बात करते हुए खुले मैनहोल में गिरा बुजुर्ग, तेज बहाव में बहने से मौत (Watch Video)
मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के बीच ड्रेनेज मेंटेनेंस के दौरान एक खुला रह गया मैनहोल एक बुजुर्ग के लिए काल बन गया. मोबाइल पर बात करते हुए सड़क पार कर रहे 60 वर्षीय असलम इसाक शेख अचानक खुले मैनहोल में जा गिरे और पानी के तेज बहाव में बह गए। दमकल विभाग ने 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद उनका शव बरामद किया.
मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में मानसून की भारी बारिश (Heavy Rain) के बीच नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. मुंबई के साकीनाका (Sakinaka) इलाके में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 की दोपहर को ड्रेनेज (निकासी) मरम्मत कार्य के दौरान खुले छोड़े गए एक मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई. मृतक की पहचान साकीनाका के यादव नगर निवासी असलम इसाक शेख के रूप में हुई है. मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) और स्थानीय पुलिस ने करीब साढ़े तीन घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद बुजुर्ग का शव ड्रेनेज सिस्टम से बाहर निकाला. यह भी पढ़ें: Mumbai Rain Update: बारिश से फिर थमी मुंबई की रफ्तार, सड़कों पर जलभराव, लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित; IMD ने जारी की नई चेतावनी
मोबाइल पर बात करते वक्त हुआ हादसा
मुंबई अग्निशमन दल (MFB) के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना दोपहर लगभग 12:26 बजे साकीनाका में खैरानी रोड पर सनमान होटल और एसजे स्टूडियो के पास हुई. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, बीएमसी के एक निजी कंत्राटदार (ठेकेदार) के तीन कर्मचारी ड्रेनेज ग्रिल की मरम्मत के लिए मैनहोल का ढक्कन हटाकर काम कर रहे थे.
इसी दौरान, असलम शेख अपने मोबाइल फोन पर बात करते हुए पैदल सड़क पार कर रहे थे. मूसलाधार बारिश और सड़क पर जमा पानी के कारण उनका ध्यान नीचे खुले मैनहोल पर नहीं गया और वे अचानक उसमें सीधे अंदर जा गिरे.
मुंबई में ड्रेनेज की मरम्मत के दौरान खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई
छाते और चप्पल के अलावा कुछ न लगा हाथ
मैनहोल खुला होने के कारण असलम शेख सीधे करीब 20 से 25 फीट गहरे ड्रेनेज चैनल में गिरे. वहां काम कर रहे ठेकेदार के कर्मचारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उन्हें बचाने के लिए मैनहोल के अंदर एक सीढ़ी भी उतारी. हालांकि, भारी बारिश की वजह से भूमिगत नाले में पानी का प्रवाह इतना खतरनाक और तेज था कि असलम शेख पल भर में बह गए। कर्मचारियों के हाथ में केवल बुजुर्ग का छाता और उनकी चप्पलें ही लग सकीं.
सूचना मिलते ही साकीनाका पुलिस, मुंबई फायर ब्रिगेड के जवान और 108 एम्बुलेंस सेवा मौके पर पहुंची. पानी की भारी गति के कारण शुरुआती घंटों में यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि शव किस दिशा में बहा है. काफी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने ड्रेनेज लाइन में आगे जाकर असलम का शव लोकेट किया और उसे बाहर निकाला.
लापरवाही पर राजनीतिक आक्रोश और कानूनी जांच
इस घटना के बाद मुंबई प्रशासन (BMC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और स्थानीय स्तर पर भारी राजनीतिक आक्रोश देखा जा रहा है. शिवसेना (यूबीटी) की नेता किशोरी पेडनेकर, मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी और स्थानीय विधायक दिलीप लांडे ने तुरंत दुर्घटनास्थल का दौरा किया.
कड़ी कार्रवाई की मांग: उपमहापौर संजय घाडी और शिवसेना नेता अमेय घोले ने इसे प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई "गैर-इरादतन हत्या" करार दिया है. उन्होंने संबंधित 'एल' वॉर्ड के सहायक आयुक्त, मुख्य ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी मामला दर्ज करने की मांग की है.
साकीनाका पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि जब व्यस्त मुख्य सड़क पर मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था, तो सुरक्षा नियमों के तहत उसके चारों ओर उचित बैरिकेडिंग, घेराबंदी या चेतावनी के बोर्ड लगाए गए थे या नहीं.
मुंबई में मानसून के बीच बढ़ा सुरक्षा जोखिम
मुंबई में पिछले 24 घंटों से जारी अति मूसलाधार बारिश (जहां उपनगरों में 160 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है) के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है. ऐसे मौसम में सड़कों पर जलभराव के कारण राहगीरों के लिए खुले मैनहोल, धंसे हुए फुटपाथ या गहरे गड्ढों को देख पाना नामुमकिन हो जाता है. नागरिक प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों पर चलते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें और अत्यधिक सावधानी बरतें.