मुंबई में दही हांडी के दौरान हादसा: उत्सव की तैयारियों के दौरान मालाड में ईंट का खंभा ढहा, 7 साल के बच्चे की मौत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे मालवणी के चीकूवाड़ी इलाके में बच्चों का एक समूह दही हांडी बांध रहा था. हांडी की रस्सी को एक तरफ पेड़ से और दूसरी तरफ एक मंजिला इमारत के ईंट के खंभे से बांधा जा रहा था.

Mumbai Dahi Handi Tragedy: मुंबई के मालाड पश्चिम इलाके में शनिवार, 5 सितंबर की दोपहर दही हांडी उत्सव की तैयारियों के दौरान एक दुखद हादसा हो गया. मालवणी के चीकूवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसाइटी में ईंट का खंभा ढह जाने से 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई. वहीं, मुंबई भर में दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाने के क्रम में कम से कम 118 गोविंदा घायल हो गए.

हांडी बांधते समय हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे मालवणी के चीकूवाड़ी इलाके में बच्चों का एक समूह दही हांडी बांध रहा था. हांडी की रस्सी को एक तरफ पेड़ से और दूसरी तरफ एक मंजिला इमारत के ईंट के खंभे से बांधा जा रहा था.  यह भी पढ़े:   पुणे आज की बड़ी खबरें: बहुचर्चित अग्रवाल हत्याकांड में तीसरी गिरफ्तारी, दही हांडी हादसा समेत दिनभर के लेटेस्ट अपडेट यहां पढ़ें

तैयारियों के दौरान अचानक ईंट का खंभा ढह गया और सीधे 7 वर्षीय रुद्र कदम के सिर पर जा गिरा. गंभीर रूप से घायल रुद्र को तुरंत मालवणी जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रुद्र के पिता मजदूरी करते हैं और मां घरेलू कामगार हैं.

पूरे शहर में 118 गोविंदा हुए घायल

उत्सव के दौरान मुंबई के विभिन्न हिस्सों में मानव पिरामिड बनाने की परंपरा के दौरान हादसों में 118 से अधिक गोविंदा घायल हुए. शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 5 घायल गोविंदाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 80 अन्य का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा था.

सबसे ज्यादा हादसे मध्य मुंबई के इलाकों में दर्ज किए गए, जहां 83 गोविंदा घायल हुए. इनमें से 67 का इलाज जारी था और 15 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. पूर्वी उपनगरों में 21 और पश्चिमी उपनगरों में 14 गोविंदाओं के घायल होने की सूचना मिली.

गोविंदा एसोसिएशन ने दिया सहायता का आश्वासन

महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाडेलकर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए बीमा कवर के माध्यम से घायल प्रतिभागियों को वित्तीय और चिकित्सा सहायता दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि घायल गोविंदा, उनके पाठक या परिवार के सदस्य किसी भी प्रकार की चिकित्सा व वित्तीय मदद के लिए एसोसिएशन से संपर्क कर सकते हैं.

मालाड की यह घटना दर्शाती है कि दही हांडी उत्सव के दौरान केवल मानव पिरामिड बनाते समय ही नहीं, बल्कि आयोजन स्थल पर तैयारियां करते समय भी सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. पुलिस प्रशासन फिलहाल घटना की विस्तृत जांच कर रहा है.

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