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Mumbai Cyber Fraud: CSMT के फ्री Wi-Fi से शुरू हुआ साइबर फ्रॉड, 'RTO CHALAN.APK' डाउनलोड करते ही बैंक मैनेजर के खाते से उड़ गए 4.27 लाख रुपये

APK फाइल एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. साइबर अपराधी अक्सर ट्रैफिक चालान, बैंक दस्तावेज या अन्य जरूरी फाइल के नाम पर मैलिशियस APK भेजते हैं. जैसे ही यूजर इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, हैकर्स फोन का एक्सेस हासिल कर बैंकिंग और निजी जानकारी चुरा सकते हैं.

Mumbai Cyber Fraud: CSMT के फ्री Wi-Fi से शुरू हुआ साइबर फ्रॉड, 'RTO CHALAN.APK' डाउनलोड करते ही बैंक मैनेजर के खाते से उड़ गए 4.27 लाख रुपये

Mumbai Cyber Fraud: मुंबई में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के 56 वर्षीय जनरल मैनेजर के साथ 4.27 लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अपने निजी सचिव के हैक हुए मोबाइल फोन से भेजी गई 'RTO CHALAN.APK' फाइल डाउनलोड कर ली थी. इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति के पांच ट्रांजैक्शन कर कुल 4,27,264 रुपये निकाल लिए गए. यह भी पढ़ें: Mumbai Mahanagar Gas Cyber Scam: महानगर गैस के नाम पर 4.98 लाख रुपये की साइबर ठगी, फर्जी PNG डिस्कनेक्शन की धमकी देकर दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इस साइबर फ्रॉड की शुरुआत 18 जुलाई को हुई, जब जनरल मैनेजर के निजी सचिव नारायण स्वामी ने यात्रा के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल किया. इसके बाद उनका मोबाइल कथित तौर पर हैक हो गया और उसमें मौजूद 'RTO CHALAN.APK' फाइल अपने आप उनके कॉन्टैक्ट्स में भेजी जाने लगी.

कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?

बैंक मैनेजर को भी अपने सचिव के नंबर से यह APK फाइल मिली, जिसे उन्होंने डाउनलोड कर लिया. 21 जुलाई को ऑफिस में उन्हें महसूस हुआ कि उनका मोबाइल असामान्य तरीके से काम कर रहा है और उनके फोन से भी कॉन्टैक्ट्स को अपने आप मैसेज भेजे जा रहे हैं.

एमआरए मार्ग पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद उन्होंने APK फाइल डिलीट कर दी. उस समय उन्हें खाते या क्रेडिट कार्ड से पैसे कटने का कोई अलर्ट नहीं मिला.

क्रेडिट कार्ड बिल आने पर हुआ खुलासा

3 अगस्त को जब बैंक मैनेजर ने अपना क्रेडिट कार्ड बिल देखा, तब उन्हें पता चला कि 21 जुलाई को उनके कार्ड से बिना अनुमति के पांच ट्रांजैक्शन किए गए थे. इन सभी ट्रांजैक्शनों की कुल राशि 4,27,264 रुपये थी.

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एमआरए मार्ग पुलिस ने 4 अगस्त को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया.

पुलिस यह जांच कर रही है कि CSMT के फ्री Wi-Fi से सचिव का मोबाइल कैसे हैक हुआ और उसी के जरिए मैलिशियस APK फाइल भेजकर साइबर ठगी को कैसे अंजाम दिया गया.

क्या है APK Scam?

APK फाइल एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. साइबर अपराधी अक्सर ट्रैफिक चालान, बैंक दस्तावेज या अन्य जरूरी फाइल के नाम पर मैलिशियस APK भेजते हैं. जैसे ही यूजर इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, हैकर्स फोन का एक्सेस हासिल कर बैंकिंग और निजी जानकारी चुरा सकते हैं.

यह मामला दिखाता है कि किसी भरोसेमंद व्यक्ति के नंबर से आया मैसेज भी खतरनाक हो सकता है. ऐसे में किसी भी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2026 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).