Mumbai Crocodile Rescue Video: मुंबई के पवई झील के पास रिहायशी इलाके में घुसा 7 फीट लंबा मगरमच्छ, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू
मुंबई के पवई तलाव क्षेत्र से सटे मोरारजी नगर के रिहायशी इलाके में मंगलवार सुबह एक 7 फीट लंबी मगरमच्छ घुस आई. स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग और वन्यजीव बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है.
Mumbai Crocodile Rescue Video: मुंबई के पवई तलाव (Powai Lake) इलाके से सटे एक आवासीय परिसर में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय निवासियों ने एक विशालकाय मगरमच्छ को घूमते हुए देखा. यह घटना पवई तलाव के पास स्थित मोरारजी नगर इलाके की है. रिहायशी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में अचानक मगरमच्छ के आ जाने से स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया. हालांकि, स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और वन विभाग (Forest Department) की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया. वन्यजीव बचाव दल ने किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया है.
दरगाह के पास नजर आई मगरमच्छ
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह मोरारजी नगर में एक स्थानीय दरगाह के करीब करीब 7 फीट लंबी मगरमच्छ को रेंगते हुए देखा गया. घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में वन्यजीव को देखकर लोगों ने तुरंत सुरक्षित दूरी बनाई और सूझबूझ दिखाते हुए इसकी जानकारी तुरंत महाराष्ट्र वन विभाग के कंट्रोल रूम को दी. यह भी पढ़े: दुनिया के सबसे बड़े मगरमच्छ कैसियस की 100 साल से ज़्यादा समय तक जीवित रहने के बाद मौत- देखें पोस्ट
पवई झील के पास रिहायशी इलाके में घुसा मगरमच्छ
सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय वन्यजीव संरक्षण संस्था (NGO) की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गई.
संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए मिली सफलता
वन विभाग और वन्यजीव बचाव दल (Wildlife Rescue Team) ने बेहद सावधानी से जाल बिछाकर संयुक्त अभियान शुरू किया. बारिश के मौसम के कारण सड़कों पर फिसलन होने के बावजूद, टीम ने मगरमच्छ को अत्यधिक तनाव या चोट पहुंचाए बिना सफलतापूर्वक काबू में कर लिया.
बचाव दल के एक अधिकारी ने बताया:
"पवई इलाके से मगरमच्छ के आवासीय क्षेत्र में आने की सूचना मिली थी. हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला. यह लगभग 7 फीट लंबी भारतीय मगरमच्छ (Marsh Crocodile) है. उसे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया गया है और वर्तमान में उसकी चिकित्सा जांच की जा रही है."
मानसून में बढ़ता है वन्यजीवों के भटकने का खतरा
वन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में जारी भारी बारिश के कारण जब तालाबों और जलाशयों का जलस्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, तो जलीय जीवों के तटों को पार कर मानवी बस्तियों में भटकने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. चूंकि पवई तलाव प्राकृतिक रूप से मगरमच्छों का मूल अधिवास (Natural Habitat) माना जाता है, इसलिए भारी जलभराव के दौरान ये जीव अक्सर बाहर निकल आते हैं.
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान तटीय और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें. यदि कोई भी वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई दे, तो स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें. चिकित्सा जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद इस मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा.