Mumbai BEST Bus Update: मुंबई की सार्वजनिक परिवहन संस्था बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मंजूरी के बाद BEST उपक्रम को अपने खुद के स्वामित्त्व वाली 5,000 वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की हरी झंडी मिल गई है. लगभग ₹6,500 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से पिछले करीब एक दशक से निजी 'वेट-लीज' (किराए की) बसों पर BEST की निर्भरता खत्म होगी.
यह कदम मुंबई में BEST के कुल बेड़े को 10,000 बसों तक पहुंचाने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा है. हाल के दिनों में किराए की निजी बसों से जुड़ी दुर्घटनाओं और परिचालन संबंधी समस्याओं को देखते हुए BEST को फिर से परिचालन नियंत्रण देने के लिए यह निर्णय बेहद अहम माना जा रहा है.
3 से 4 वर्षों में बेड़े में शामिल होंगी नई बसें
BEST की महाप्रबंधक सोनिया सेठी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि उपक्रम को अपने बेड़े के लिए ड्राइवरों के साथ 5,000 एसी ई-बसों को खरीदने की अनुमति मिल गई है. इन बसों की खरीद अगले 3 से 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी.
सोनिया सेठी के अनुसार, "हमें उपमुख्यमंत्री कार्यालय से अपनी खुद की बसों के बेड़े के लिए 5,000 एसी ई-बसें खरीदने की बैठक का विवरण प्राप्त हो गया है. हम पहले की तरह ड्राइवरों के साथ अपने स्वामित्व वाली बसों का विकल्प चुनेंगे." इस खरीद के लिए वित्तीय मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसे आगामी बैठकों में BEST समिति के समक्ष रखा जाएगा.
किराए की बसों से निजी नियंत्रण घटाने की पहल
BEST वर्तमान में लगभग 2,800 बसों का संचालन करता है, लेकिन इनमें से केवल 249 बसें ही BEST के अपने स्वामित्व की हैं. शेष 2,551 बसें 'वेट-लीज' मॉडल के तहत संचालित की जा रही हैं, जिनमें निजी ठेकेदार बसों के मालिक होते हैं और रखरखाव व ड्राइवर उपलब्ध कराते हैं.
निजी चालकों द्वारा की जाने वाली लापरवाही और हादसों के बाद कर्मचारी यूनियनों और यात्रियों द्वारा लगातार खुद की बसें खरीदने की मांग की जा रही थी. नई खरीद से BEST को बस सेवाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और समय सारणी पर सीधा नियंत्रण वापस मिल सकेगा. इसके साथ ही, वेट-लीज पर काम कर रहे चालकों को BEST सेवा में समायोजित करने की व्यवहार्यता का अध्ययन कानून व न्याय विभाग तथा वित्त विभाग को भेजा गया है.
23 डिपो के पुनर्विकास का प्रस्ताव और यूनियनों का विरोध
परिवहन सेवा के विस्तार और वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए BEST अपने 23 बस डिपो की लगभग 132 एकड़ भूमि के पुनर्विकास पर विचार कर रहा है. हालांकि, कर्मचारी यूनियनों ने डिपो की जमीन को लीज पर देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है.
BEST वर्कर्स यूनियन के नेता शशांक शरद राव ने कहा, "हम खुश हैं कि अपनी खुद की बसों की संख्या बढ़ाने की हमारी पुरानी मांग स्वीकार कर ली गई है. जब बीएमसी पहले से ही इन बसों की खरीद के लिए फंडिंग कर रही है, तो हम बस डिपो की जमीन लीज पर देने के योजना का विरोध करते हैं."
1,500 फीडर बसों की योजना अलग से जारी रहेगी
स्वयं की 5,000 बसें खरीदने का यह फैसला BEST द्वारा चलाए जा रहे 1,500 एसी इलेक्ट्रिक फीडर बसों के उस प्रोजेक्ट से अलग है, जिसे हाल ही में वेट-लीज मॉडल पर मंजूरी दी गई थी.
केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव योजना' के तहत मिलने वाली ये 9-मीटर की छोटी बसें मुख्य रूप से मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली फीडर सेवा के रूप में काम करेंगी. इन पर केंद्र सरकार प्रति बस ₹25 लाख की सब्सिडी दे रही है.













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