Mumbai Bakrid Sacrifice Row: मुंबई के दिंडोशी में बकरीद से पहले तनाव, हाउसिंग सोसायटी में खुले में कुर्बानी का BJP पार्षद प्रीति साटम ने किया विरोध; नियमों के पालन की मांग
ईद-उल-अजहा (बकरीद) से ठीक पहले मुंबई के दिंडोशी इलाके की 'मैरीगोल्ड को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी' में बकरों के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद भाजपा पार्षद प्रीति साटम ने मौके पर पहुंचकर आवासीय परिसर के भीतर खुले में दी जाने वाली कुर्बानी का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने साफ किया कि कुर्बानी केवल बीएमसी द्वारा प्रमाणित बूचड़खानों में ही होनी चाहिए.
मुंबई, 27 मई: आगामी त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुंबई और उसके आसपास के आवासीय इलाकों में बकरों को रखने और कुर्बानी के स्थानों को लेकर विवाद तेज हो गए हैं. मुंबई के दिंडोशी (Dindoshi) इलाके में स्थित 'मैरीगोल्ड को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी' के भीतर बकरों को रखने के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड (Goat Shed) के कारण स्थानीय निवासियों और आयोजकों के बीच भारी मतभेद पैदा हो गया है. विवाद की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थानीय पार्षद प्रीति साटम (Preeti Satam) ने मामले में हस्तक्षेप किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नागरिक नियमों का उल्लंघन कर घनी आबादी और स्कूल के पास स्थित इस आवासीय परिसर के भीतर खुले में पशुओं की कुर्बानी दी गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगी. यह भी पढ़ें: मुंबई के मीरा रोड में बकरीद से पहले बवाल: सोसाइटी में बकरे लाने पर हंगामा, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाए गए कुर्बानी के पशु (Watch Videos)
'धार्मिक अनुष्ठान से नहीं, स्थान से है आपत्ति'— प्रीति साटम
सोसायटी के शाकाहारी परिवारों और अन्य निवासियों से शिकायत मिलने के बाद भाजपा पार्षद प्रीति साटम ने मैरीगोल्ड सोसायटी का दौरा किया. वहां जमा नागरिकों और आयोजकों को संबोधित करते हुए साटम ने सार्वजनिक स्वच्छता, नागरिक नियमों और जनभावनाओं का मुद्दा उठाया.
प्रीति साटम ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा, 'हम किसी भी कीमत पर सोसायटी परिसर के भीतर खुले में कुर्बानी नहीं होने देंगे. हमारी आपत्ति किसी विशेष धार्मिक प्रथा या त्योहार के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक सघन आवासीय क्षेत्र और ठीक बगल में स्थित स्कूल के पास इस तरह की गतिविधि आयोजित करने को लेकर है. नियमों के मुताबिक, सभी प्रकार की कुर्बानियां केवल बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा प्रमाणित बूचड़खानों (Slaughterhouses) और प्रशासन द्वारा तय किए गए विशिष्ट स्थलों पर ही की जानी चाहिए.'
‘उन्हें नियमों का सख्ती से पालन करना होगा’: ईद-उल-अज़हा पर बकरे की कुर्बानी को लेकर हुए विवाद पर BJP पार्षद प्रीति सातम
निवासियों ने जताई आपत्ति; आयोजक बोले— 25 साल पुरानी है परंपरा
मैरीगोल्ड हाउसिंग सोसायटी के कई निवासियों ने सार्वजनिक स्थानों पर बकरों को रखने से होने वाली गंदगी और अस्वच्छता को लेकर चिंता व्यक्त की है. सोसायटी के एक बड़े वर्ग का तर्क है कि परिसर में अधिकांश परिवार शाकाहारी (Vegetarian) हैं. ऐसे में सामान्य रिहायशी इलाकों और बच्चों के आने-जाने वाले रास्तों पर पशुओं को रखना और वहां धार्मिक अनुष्ठान करना स्वच्छता के मानकों के खिलाफ है और इससे लोगों को असुविधा हो रही है.
दूसरी ओर, अस्थायी शेड के संचालक और देखरेख करने वाले समीर ने इन आरोपों का खंडन किया है. समीर का दावा है कि उन्होंने इस व्यवस्था के लिए नगर निगम (BMC) से सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां प्राप्त की हैं. समीर ने कहा, "हम पिछले 20 से 25 वर्षों से इस सोसायटी में सौहार्दपूर्ण तरीके से बकरीद मनाते आ रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक दबाव में ऐन वक्त पर हमारी अनुमतियां रद्द कराई जा रही हैं. पिछले साल भी हमें यहां से बकरे हटाकर दूसरी जगह व्यवस्था करनी पड़ी थी." उन्होंने बताया कि सोसायटी के लगभग 40 मुस्लिम परिवारों ने त्योहार के लिए सामूहिक रूप से धन जुटाकर ये बकरे खरीदे हैं.
ठाणे के मीरा रोड में भी हुआ था भारी विवाद; तीन लोग हुए थे घायल
दिंडोशी का यह विवाद महाराष्ट्र के ही पड़ोसी ठाणे जिले के मीरा रोड (Poonam Cluster Society) में एक दिन पहले हुई हिंसक झड़प के बाद सामने आया है. मीरा रोड की एक सोसायटी में भी जब 40 से 50 बकरों को बिना आम सहमति के परिसर के भीतर लाया गया, तो वहां के निवासियों और दक्षिणपंथी संगठनों (VHP और बजरंग दल) ने इसका कड़ा विरोध किया था.
मीरा रोड में देर रात विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब हिंसक हो गई थी जब एक युवक ने कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थानीय पदाधिकारी नागनाथ कांबले सहित तीन लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया था और भारी पुलिस बल की तैनाती कर बकरों को वहां से शिफ्ट कराया था. इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद मुंबई पुलिस और बीएमसी ने सभी सोसायटियों को सख्त हिदायत दी है कि वे त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए केवल प्रशासनिक नियमों और निर्धारित जोन का ही पालन करें.