MSRTC Salary Hike: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, एसटी कर्मचारियों के डीए और एचआरए में भारी बढ़ोतरी
महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतन और भत्तों में भारी वृद्धि की घोषणा की है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बताया कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 5% की बढ़ोतरी की गई है और मकान किराया भत्ता (HRA) के स्लैब भी बढ़ा दिए गए हैं.
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (Maharashtra State Road Transport Corporation) (MSRTC) के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतन, महंगाई भत्ते (DA) और मकान किराया भत्ते (HRA) में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने मंगलवार, 23 जून 2026 को विधानमंडल के चल रहे मानसून सत्र के दौरान यह महत्वपूर्ण घोषणा की. सरकार के इस फैसले का निगम के कर्मचारियों और विभिन्न यूनियनों द्वारा व्यापक स्वागत किया गया है. विधानसभा में बोलते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि यह वित्तीय लाभ एसटी (ST) कार्यबल के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए स्वीकृत किए गए हैं. यह भी पढ़ें: 'ऑपरेशन टाइगर' पर शिवसेना (UBT) का महायुति पर तीखा हमला: कहा-'किसानों के लिए पैसे नहीं, विधायकों को खरीदने के लिए असीमित फंड'
डीए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी और नए एचआरए स्लैब लागू
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एसटी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 5 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. इस वृद्धि के बाद अब कर्मचारियों का डीए मौजूदा 53 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा.
भत्तों में सुधार करते हुए सरकार ने मकान किराया भत्ता (HRA) के स्लैब में भी उल्लेखनीय संशोधन किया है. शहरों की श्रेणियों (Tiers) के आधार पर मिलने वाले पुराने 8, 16 और 24 प्रतिशत के एचआरए स्लैब को अब अपग्रेड करके क्रमशः 10, 20 और 30 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दर में भी सुधार किया गया है. कर्मचारियों को अब तक मिलने वाली 2 प्रतिशत की वार्षिक वेतन वृद्धि के स्थान पर अब 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा.
निगम पर पड़ेगा ₹45 करोड़ मासिक का अतिरिक्त बोझ
वेतन और भत्तों में की गई इस व्यापक बढ़ोतरी के कारण पहले से ही वित्तीय घाटे से जूझ रहे एमएसआरटीसी (MSRTC) पर हर महीने लगभग 45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
इस वित्तीय भार पर बात करते हुए परिवहन मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि निगम पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ अपनी जगह है, लेकिन सरकार के लिए अपने कर्मचारियों को न्याय देना और उनके उचित अधिकारों को सुनिश्चित करना सबसे पहली प्राथमिकता है.
लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का अंत
एमएसआरटीसी के कर्मचारी ऐतिहासिक रूप से कम वेतनमान और खराब कार्य स्थितियों को लेकर शिकायत करते रहे हैं. अपनी मांगों, डीए में सुधार और बेहतर वेतन ढांचे को लेकर कर्मचारियों ने पूर्व में कई बार हड़ताल और उग्र विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए थे. सरकार के इस नए फैसले ने कर्मचारियों की इन दीर्घकालिक शिकायतों का सीधा समाधान किया है, जिसके बाद डिपो और निगम कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच जश्न का माहौल है.
अवैध पार्सल ले जाने वाली निजी बसों को सख्त चेतावनी
सत्र के दौरान परिवहन मंत्री ने निजी परिवहन क्षेत्र को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने अवैध पार्सल और कार्गो (व्यावसायिक सामान) का परिवहन करने वाली निजी बसों के खिलाफ 'जीरो-टोलरेंस' (कतई बर्दाश्त न करने की) नीति अपनाई है. नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी ऑपरेटरों और बस मालिकों के खिलाफ आरटीओ और पुलिस के माध्यम से कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.