MP Weather Updates: मध्य प्रदेश में मौसम का तांडव, 94 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं और भारी बारिश; लू से मिली राहत मगर बुनियादी ढांचे को नुकसान
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में 94 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चली हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए और बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भी राज्य में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है.
भोपाल, 1 जून: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आए एक शक्तिशाली और तीव्र मौसमी सिस्टम के कारण राज्य के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) और अत्यधिक तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) के भोपाल केंद्र (Bhopal Center) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कुछ अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार 94 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई है. इस चक्रवाती तूफान ने जहां पिछले कई हफ्तों से जारी भीषण लू (Heatwave) के दौर पर अचानक पूर्णविराम लगा दिया है, वहीं तेज आंधी के कारण कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. यह भी पढ़ें: Monsoon in Kerala: केरल तट तक पहुंचा मानसून, झमाझम बारिश का दौर शुरू; IMD ने जारी किया अलर्ट
साइकिलोनिक सर्कुलेशन के कारण बदला मौसम; कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तीव्र मौसमी बदलाव मध्य पाकिस्तान के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) और वहां से राजस्थान होते हुए मध्य प्रदेश तक जा रही एक ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण हुआ है. इस वेदर सिस्टम के चलते आईएमडी ने राज्य के कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है.
इस बारिश से खजुराहो जैसे उन क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली है, जहां पिछले सप्ताह का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. हालांकि, तापमान में आई इस भारी गिरावट के बीच हवाओं की विनाशकारी गति ने कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में तबाही मचाई है.
पेड़ उखड़े, बिजली आपूर्ति ठप; भोपाल-इंदौर में जलभराव
प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को आई 94 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, कच्चे व अर्ध-स्थायी मकानों के छप्पर उड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से विद्युत ग्रिड को भारी नुकसान पहुंचा है.
शहरी केंद्रों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और जबलपुर में लगातार तेज बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई. राजधानी भोपाल के निचले इलाकों में अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण जलभराव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो गई. इसके अलावा, अत्यधिक तेज हवाओं के चलते परिवहन सेवाएं और खुले में काम करने वाले मजदूरों का काम पूरी तरह ठप हो गया.
अमरकंटक में 68 मिमी बारिश; मूंग और गन्ने की फसल को खतरा
मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले 24 घंटों के भीतर अमरकंटक में 68 मिलीमीटर और भैंसदेही में लगभग 48 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. इस अचानक आए तूफान को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि यह नमी खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले मिट्टी की तैयारी के लिए फायदेमंद है, लेकिन 94 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी के कारण खेतों में खड़ी गर्मियों की फसलों, विशेष रूप से मूंग और गन्ने के पौधों के टूटने या झुकने (Lodging) का गंभीर खतरा पैदा हो गया है. किसानों को अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और कीटों के प्रकोप की निगरानी करने की सलाह दी गई है.
अगले 48 घंटों तक बनी रहेगी चेतावनी; घरों में रहने की सलाह
मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि हालांकि हवाओं की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
विभाग ने नागरिकों को हिदायत दी है कि वे आकाशीय बिजली चमकने के दौरान घरों के भीतर ही रहें. किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए कमजोर ढांचों, खंभों या ऊंचे व अकेले पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सख्त सलाह दी गई है.