MP Politics: उज्जैन जमीन विवाद को लेकर मोहन यादव पर बिफरा 'INDIA' गठबंधन; कांग्रेस-आरजेडी ने लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी का पलटवार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर उज्जैन में जमीन सौदों को लेकर लगे आरोपों पर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के नेताओं ने मुख्यमंत्री और भाजपा पर तीखा हमला बोला है. वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और हताशा का परिणाम बताया है.
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के परिवार के सदस्यों पर उज्जैन (Ujjain) में जमीन खरीद-फरोख्त (Land Buying and Selling) से जुड़े गंभीर आरोप लगने के बाद विपक्षी 'INDIA' गठबंधन ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बुधवार, 24 जून 2026 को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरते हुए तीखे बाण चलाए. विपक्ष का आरोप है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आगामी 'सिंहस्थ महाकुंभ' क्षेत्रों के आसपास की जमीनों को मुख्यमंत्री के करीबियों और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को आवंटित किया गया है. दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की हताशा का परिणाम बताया है. यह भी पढ़ें: Ujjain: राहगीरी उत्सव में सीएम मोहन यादव का 'देसी अंदाज', बैलगाड़ी चलाई और लाठी घुमाकर दिया फिटनेस का संदेश; VIDEO
'अयोध्या के बाद अब उज्जैन...' आरजेडी सांसद का तीखा हमला
आईएएनएस (IANS) से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी लपेटे में लिया. उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिनका चयन प्रधानमंत्री और अमित शाह द्वारा किया गया था, उन पर इस तरह के धोखाधड़ी और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं."
अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़े भूमि विवादों के कथित आरोपों का हवाला देते हुए मनोज झा ने कहा, "पहले अयोध्या और अब उज्जैन... यानी भगवान राम के बाद अब भगवान शिव के क्षेत्र को भी नहीं बख्शा गया." उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक विवाद का उदाहरण देते हुए केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि वे व्यक्ति को नहीं बल्कि व्यवस्था को दोष देकर अपनी जवाबदेही से भागने की कोशिश करेंगे.
अखिलेश यादव के 'साजिश' वाले बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव के उस बयान ने एक नया मोड़ दे दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह मुख्यमंत्री मोहन यादव को बदनाम करने की भाजपा की ही एक "आंतरिक साजिश" है. अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भाजपा मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को हटाने के बहाने तलाश रही है.
अखिलेश यादव के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "अगर अखिलेश जी ने कुछ कहा है, तो उन्हें जरूर कोई जानकारी या संदेश मिला होगा जिसके आधार पर उन्होंने यह बयान दिया। हालांकि, इसे महज एक 'साजिश' कहना गलत होगा." पटवारी ने जोर देकर कहा कि मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार है और अखिलेश यादव भी इस बात से पूरी तरह वाकिफ हैं.
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोहन यादव जब शिक्षा मंत्री या पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक उनके परिवार या उनसे जुड़ी कंपनियों को उन क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जहां नए हाईवे या सिंहस्थ महाकुंभ जैसी बड़ी योजनाएं प्रस्तावित हैं.
बीजेपी का पलटवार: 'आरोप पूरी तरह निराधार'
विपक्ष के इन हमलावर तेवरों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया है. बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आईएएनएस से कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही इस मामले में स्पष्टीकरण दे चुके हैं कि ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं. उनका परिवार लंबे समय से इस व्यवसाय (जमीन/प्रॉपर्टी बिजनेस) से जुड़ा हुआ है."
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, "विपक्ष इस समय देश के हर राज्य में मिल रही लगातार हार से हताश और निराश है, इसीलिए वह इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहा है. अगर उनके पास वास्तव में कोई पुख्ता सबूत या संदेह है, तो उन्हें औपचारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए, सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी." उन्होंने दावा किया कि सभी जमीन सौदे पूरी तरह से कानूनी दायरे में रहकर किए गए हैं और इसमें किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई है.