MP Politics: बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने माता सीता को कहा 'मौत का सामान'; पार्टी की महिला विधायक प्रियंका पेंची ने मंच पर ही टोका, गरमाई सियासत
मध्य प्रदेश के गुना में आयोजित राज्यस्तरीय बलराम जयंती समारोह के दौरान भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने माता सीता और द्रौपदी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें युद्ध और पुरुषों की मृत्यु का कारण बताया. मंच पर मौजूद भाजपा की महिला विधायक प्रियंका मीणा पेंची ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्हें मंच पर ही टोक दिया.
गुना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना (Guna) जिले में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य के एक बयान पर भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. गुना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शाक्य ने मंच से ऐतिहासिक और पौराणिक युद्धों का संदर्भ देते हुए महिलाओं और माता सीता के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया.
कार्यक्रम के मंच पर मौजूद चाचौड़ा से भाजपा की महिला विधायक प्रियंका मीणा पेंची ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए शाक्य के बयानों का कड़ा विरोध किया और महिलाओं के त्याग व बलिदान का अपमान न करने की बात कही. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है. यह भी पढ़ें: Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश में आज लाड़ली बहनों के खाते में आएगी 39वीं किस्त, CM मोहन यादव करेंगे जारी
मंच से क्या बोले विधायक पन्नालाल शाक्य?
गुना के नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में राज्यस्तरीय बलराम जयंती समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वर्चुअली शामिल हुए थे.
किसानों और नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि रामायण, महाभारत और अन्य ऐतिहासिक युद्धों में केवल पुरुष मारे गए, महिलाएं नहीं. उन्होंने कहा:
"रावण को कई लोगों ने समझाया कि भैया, पराई स्त्री को क्यों ले आए? यह तो 'मौत का सामान' है, लेकिन वह नहीं माना. उस युद्ध में भी एक भी महिला नहीं मरी, सिर्फ पुरुष मारे गए. महाभारत में एक पांचाली (द्रौपदी) के पीछे एक करोड़ पुरुष मारे गए, कोई महिला नहीं मरी. पृथ्वीराज चौहान ने संयोगिता के लिए कन्नौज से दिल्ली तक 55 सामंत मरवा दिए, जिसका खामियाजा हम आज तक भुगत रहे हैं."
बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य ने देवी सीता को बताया 'मौत का सामान'
भाजपा विधायक प्रियंका पेंची ने मंच पर ही दर्ज कराया विरोध
शाक्य के इस बयान पर मंच पर बैठीं भाजपा विधायक प्रियंका पेंची ने तुरंत खड़े होकर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा:
- "यह गलत बात है भाई साहब:" पेंची ने टोकते हुए कहा कि महिलाओं को इस तरह युद्ध का कारण बताना और उनके त्याग को नजरअंदाज करना पूरी तरह अनुचित है.
- "महिला होने के नाते आपत्ति:" उन्होंने कहा कि देश और समाज के लिए महिलाओं ने अनगिनत बलिदान दिए हैं और वे खुद एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते इस तरह के महिला-विरोधी वक्तव्य को स्वीकार नहीं कर सकतीं.
हालांकि, शाक्य ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कई किताबें पढ़ी हैं और वे इतिहास जानते हैं, जिसके बाद उन्होंने साथी विधायक को अपनी सीट पर बैठने के लिए कह दिया.
कांग्रेस का भाजपा पर हमला, प्रदेश नेतृत्व ने बनाई दूरी
इस बयान को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है.
- जीतू पटवारी का बयान: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी के विधायक महिलाओं और धार्मिक आस्था के प्रतीकों का निरंतर अपमान कर रहे हैं. इसे देश की आधी आबादी और सनातन संस्कृति का अपमान बताया गया.
- भाजपा का रुख: बढ़ते विवाद के बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने बयान से दूरी बनाते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी की राजनीति महिला, किसान और युवाओं के सम्मान पर केंद्रित है और इन भावनाओं के विपरीत दिए गए किसी भी व्यक्तिगत बयान का संगठन समर्थन नहीं करता.