देश

MP: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, 35 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान

मध्य प्रदेश सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जो कर्मचारी 35 वर्ष सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के समान संवर्गों के लिए सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना लागू करने की स्वीकृति दी गई.

MP: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, 35 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान
सीएम शिवराज सिंह चौहान (Photo Credits ANI)

भोपाल, 1 अगस्त: मध्य प्रदेश सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जो कर्मचारी 35 वर्ष सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के समान संवर्गों के लिए सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना लागू करने की स्वीकृति दी गई. यह भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन पर मुस्लिम महिलाओं तक पहुंचें राजग सांसद, पीएम मोदी का आदेश

इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को 35 वर्ष या अधिक अवधि की सेवा होने की स्थिति में 1 जुलाई, 2023 से चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत हो सकेगा. चतुर्थ समयमान वेतनमान के दिशा-निर्देश जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया. यह वेतनमान स्वीकृत करने पर शासन पर अनुमानित व्यय भार 250 करोड़ रूपये आयेगा. मंत्रिपरिषद ने युवाओं को कला प्रशिक्षण फैलोशिप-2023 देने का निर्णय लिया. परंपरागत एवं जन-जातीय लोक कला को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय के माध्यम से प्रदेश के एक हजार युवाओं को तीन महीने की अवधि के लिए 10 हजार रूपये की मानद फैलोशिप प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई.

योजना में युवाओं को गायन, वादन, नृत्य, नाट्य, चित्र तथा शिल्प आदि में से किसी एक कला का प्रशिक्षण 3 माह में दिया जाएगा. मंत्रिपरिषद द्वारा चार नवीन शासकीय महाविद्यालय, शासकीय विधि महाविद्यालय डिंडोरी, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज मंडला, शासकीय महाविद्यालय खिरकिया हरदा, शासकीय महाविद्यालय खड्डी सीधी की स्थापना की स्वीकृति दी गई.

मंत्रिपरिषद द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए 20 प्रतिशत भूखंड का आरक्षण तथा इन उद्यमियों को प्रब्याजी और विकास शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने के संबंध में मध्यप्रदेश एमएसएमई के औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 (यथा संशोधित अक्टूबर 2022) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में छह नवीन शासकीय आईटीआई की स्थापना का निर्णय लिया गया. इन 6 आईटीआई के लिए 114 प्रशिक्षकीय और 66 प्रशासकीय पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.

मंत्रिपरिषद ने मुद्रा योजना की पूर्व से मौजूद इकाइयों के लिए, जिनका 1 सितंंबर 2022 के बाद नवीनीकरण किया जा रहा है, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांंति योजना में पात्र होने पर लाभान्वित किए जाने के लिए योजना में नवीन उद्यम होने संबंधी प्रावधान से छूट दी जाने का निर्णय लिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2023 10:15 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).