Heatwave in Moradabad: मुरादाबाद में बकरीद से पहले भीषण गर्मी की मार, बीमार पड़ रहे बकरे; पशु चिकित्सकों के पास लोगों को लगाने पड़ रहे हैं चक्कर; VIDEO

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कारण बकरे और अन्य मवेशी बड़े पैमाने पर बीमार हो रहे हैं. आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) त्योहार से ठीक पहले पशुओं में हाई फीवर, डायरिया और डिहाइड्रेशन की शिकायतें बढ़ने से पशुपालकों की चिंताएं बढ़ गई हैं

(Photo Credits ANI)

Heatwave in Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में इस समय भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी भारी पड़ रहा है. आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) त्योहार से ठीक पहले क्षेत्र में बकरों के बड़े पैमाने पर बीमार होने की खबरें सामने आ रही हैं. चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण बड़ी संख्या में पशुपालक अपने बीमार बकरों और अन्य मवेशियों के इलाज के लिए स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सालयों के चक्कर काट रहे हैं.

पशुओं में हाई फीवर और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़े

मौसम के कड़े मिजाज को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) कार्यालय और स्थानीय अस्पतालों में पशुओं की भीड़ बढ़ गई है. पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में आ रहे मामलों में बकरों की संख्या सबसे अधिक देखी जा रही है.  यह भी पढ़े: Dhul-Hijjah 2026: भारत में कब दिखेगा चांद और कब मनाई जाएगी बकरीद?

गर्मी से परेशान जानवर

पशु चिकित्सा अधिकारी विकास कुमार ने मामले की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि अत्यधिक गर्मी और लू चलने के कारण पशुओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है. इन दिनों अस्पतालों में आ रहे पशुओं में तेज बुखार (High Fever), शरीर में पानी की कमी (Dehydration) और डायरिया (दस्त) की गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं.

अस्पतालों में ड्रिप और एंटीबायोटिक्स से किया जा रहा इलाज

पशु चिकित्सा अधिकारी विकास कुमार के अनुसार, गंभीर रूप से बीमार और डिहाइड्रेशन के शिकार पशुओं को तुरंत राहत देने के लिए अस्पताल में 'इंट्रावेनस ड्रिप' (नसों के जरिए ग्लूकोज और फ्लूइड) चढ़ाई जा रही है. इसके साथ ही, लक्षणों के आधार पर पशुओं को आवश्यक एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक (एनाल्जेसिक्स) दवाएं भी दी जा रही हैं.

चिकित्सकों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखते ही घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल से संपर्क करें ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके.

त्योहार से पहले बढ़ी पशुपालकों की चिंता

यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब देश भर में मई के अंतिम सप्ताह (28 मई 2026) में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाना है. इस त्योहार के मद्देनजर पशुपालक अपने बकरों को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. बकरों के अचानक बीमार होने से न केवल उनकी बाजार कीमत पर असर पड़ने का खतरा है, बल्कि पशुपालकों को उनके जीवन का डर भी सता रहा है.

IMD-डॉक्टरों की जरूरी एडवाइजरी

पशु चिकित्सा विभाग ने भीषण गर्मी के इस दौर में मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं. पशुपालकों को मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.

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