Monsoon 2026: तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है मानसून, केरल के तिरुवनंतपुरम में बारिश से मौसम हुआ सुहाना (Watch Video)

IMD) के अनुसार, वर्ष 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल तट की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है. इस बीच, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम और आसपास के इलाकों में शुरू हुई तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

(Photo Credits ANI)

Monsoon 2026:  देश में चिलचिलाती गर्मी से राहत देने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) के आगे बढ़ने की रफ्तार तेज हो गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की अरब सागर शाखा केरल के तटीय इलाकों की ओर लगातार अग्रसर है. इसी बीच, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित राज्य के दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई है. इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है.

बारिश के जल्द दस्तक की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और लक्षद्वीप के ऊपर पश्चिमी हवाएं मजबूत हो रही हैं, जो मानसून के आगमन के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेतक हैं. हालांकि, लक्षद्वीप के पास बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण हवा की गति में मामूली उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून आधिकारिक रूप से केरल के तट पर दस्तक दे सकता है.  यह भी पढ़े:  Monsoon 2026 Forecast and Update: जून में सामान्य से कम बारिश और भीषण लू का डबल अटैक; आईएमडी ने जारी किया देशव्यापी अलर्ट

तिरुवनंतपुरम में बारिश

तिरुवनंतपुरम में बारिश से बदला मौसम का मिजाज

केरल के तटीय जिलों, विशेषकर तिरुवनंतपुरम में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश शुरू हो गई. वर्तमान में क्षेत्र में करीब 11 मील प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तिरुवनंतपुरम का अधिकतम तापमान घटकर 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है. मौसम विभाग ने आने वाले दो-तीन दिनों के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है.

इस वर्ष कम वर्षा का है अनुमान

आईएमडी द्वारा जारी किए गए अद्यतन दीर्घावधि पूर्वानुमान (Long Range Forecast) के मुताबिक, वर्ष 2026 के मानसून सीजन के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Nino) की स्थिति सक्रिय होने के कारण जून से सितंबर के बीच दीर्घावधि औसत (LPA) की लगभग 92 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल बारिश का वितरण असमान रह सकता है, जिसके कारण कुछ राज्यों में कम और कुछ क्षेत्रों में तेज स्पेल देखने को मिल सकते हैं.

देश के अन्य हिस्सों को भी राहत की उम्मीद

केरल में मानसून के प्रवेश करने के बाद यह तेजी से उत्तर और मध्य भारत की ओर बढ़ेगा. मौसम विभाग के निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार, केरल पहुंचने के बाद मानसून को मुंबई पहुंचने में करीब 10 से 12 दिन का समय लगता है, जबकि जून के अंत तक यह दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत को कवर कर लेता है. उत्तर भारत में जारी भीषण हीटवेव के बीच इस मानसूनी प्रगति को कृषि और आम जनमानस के लिए एक बड़ी और सकारात्मक राहत के रूप में देखा जा रहा है.

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