Meenakshi Sood Case: मीनाक्षी सूद मामले में सरकारी डॉक्टर की मौत के कुछ दिन बाद नर्स के साथ पति का वीडियो वायरल, मामले ने पकड़ा तूल

मृतका की पहचान डॉ. मीनाक्षी सूद के रूप में हुई है, जो कपूरथला के सिविल अस्पताल में तैनात थीं. पारिवारिक विवादों के चलते वह पिछले करीब एक साल से अपने पति से अलग रह रही थीं. पुलिस को उनका शव घर के भीतर से मिला, जिसका दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस ने कांच का पैनल तोड़कर घर में प्रवेश किया.

Meenakshi Sood Case: पंजाब के जालंधर शहर के केवल विहार इलाके में बुधवार, 10 जून की सुबह एक 37 वर्षीय सरकारी महिला डॉक्टर अपने किराए के मकान में मृत पाई गईं. इस घटना के बाद जालंधर पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है. मृतका के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके पति डॉ. पीयूष सूद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) का मामला दर्ज किया है. डॉ. पीयूष सूद कपूरथला रोड पर 'नेशनल आई केयर हॉस्पिटल' नाम से एक प्रसिद्ध आंखों का अस्पताल चलाते हैं. मृतका के परिजनों ने उन पर घरेलू हिंसा, वित्तीय शोषण और विवाहबाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

अस्पताल के स्टाफ के साथ कथित वीडियो वायरल

मृतका की पहचान डॉ. मीनाक्षी सूद के रूप में हुई है, जो कपूरथला के सिविल अस्पताल में तैनात थीं. पारिवारिक विवादों के चलते वह पिछले करीब एक साल से अपने पति से अलग रह रही थीं. पुलिस को उनका शव घर के भीतर से मिला, जिसका दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस ने कांच का पैनल तोड़कर घर में प्रवेश किया.  यह भी पढ़े: NMC Notice For Colleges: रैगिंग से एमबीबीएस डॉक्टर की मौत के बाद एनएमसी ने देश के मेडिकल कॉलेज को जारी किया नोटिस, दी सख्त चेतावनी

मीनाक्षी सूद के पति का वीडियो

डॉ. मीनाक्षी के पिता प्रमोद कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वैवाहिक विवाद तब और बढ़ गया जब डॉक्टर मीनाक्षी को पता चला कि उनके पति का उनके ही निजी अस्पताल में काम करने वाली एक स्टाफ नर्स के साथ कथित तौर पर अफेयर चल रहा है. इस बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित सीसीटीवी फुटेज भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डॉ. पीयूष सूद को कथित तौर पर अस्पताल परिसर के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया है. परिजनों का दावा है कि शक होने पर डॉ. मीनाक्षी ने खुद अस्पताल के सर्विलांस सिस्टम से यह फुटेज निकाला था, जिसे अब पुलिस को सौंप दिया गया है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता की अभी स्वतंत्र रूप से जांच की जानी बाकी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है.

सिबिल रिपोर्ट से हुआ 2.5 करोड़ रुपये के फर्जी लोन का खुलासा

पीड़ित परिवार ने डॉ. पीयूष सूद पर गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के भी आरोप लगाए हैं. एफआईआर (FIR) के अनुसार, अक्टूबर 2018 में शादी के कुछ समय बाद ही डॉ. मीनाक्षी ने अपने पति के आंखों के अस्पताल के निर्माण के लिए 35 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी मासिक किस्तें वह अपने सरकारी वेतन से चुका रही थीं.

मामला तब और गंभीर हो गया जब डॉ. मीनाक्षी ने हाल ही में अपने लिए एक घर खरीदने के उद्देश्य से बैंक से संपर्क किया. जब बैंक ने उनकी सिबिल (CIBIL) क्रेडिट रिपोर्ट निकाली, तो वह यह देखकर दंग रह गईं कि उनके नाम पर उनकी जानकारी या सहमति के बिना लगभग 2.5 करोड़ रुपये का एक बड़ा लोन चल रहा था. पिता का आरोप है कि इस लोन के दस्तावेजों पर डॉ. मीनाक्षी के हस्ताक्षर भी जाली थे. जब उन्होंने इस धोखाधड़ी का विरोध किया और लोन से अपना नाम हटाने की मांग की, तो उनके पति और ससुर योगेश्वर सूद ने उन्हें कथित तौर पर डराया और धमकाया.

तलाश में पुलिस

डॉ. मीनाक्षी के माता-पिता ने शादी में लगातार होने वाली शारीरिक हिंसा का भी ब्यौरा दिया है. मृतका की मां ने बताया कि उनका दामाद अक्सर झगड़े के बाद फोन करके मारपीट की बात कबूल करता था और बाद में माफी मांग लेता था. शिकायत के मुताबिक, जून 2025 में डॉ. पीयूष ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का गला घोंटने की कोशिश की थी, जिसकी शिकायत डॉ. मीनाक्षी ने पुलिस हेल्पलाइन पर भी की थी और इसके बाद ही वह अलग किराए के मकान में रहने आ गई थीं.

जालंधर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) राकेश कुमार यादव ने पुष्टि की है कि आरोपी डॉक्टर का मोबाइल फोन फिलहाल बंद आ रहा है और वह फरार है. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी.

Share Now