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मेडटेक सेक्टर के 2030 तक 30 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद: जेपी नड्डा

द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि मेडटेक सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसके 30 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

मेडटेक सेक्टर के 2030 तक 30 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद: जेपी नड्डा
JP Nadda (img: FB)

नई दिल्ली, 19 जनवरी : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि मेडटेक सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसके 30 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

केंद्रीय मंत्री ने 'आईआईएमए हेल्थकेयर समिट' में कहा, "आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट आईडी, टेलीमेडिसिन और एआई इंटीग्रेशन जैसे डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ, हम स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ा रहे हैं. इसी के साथ एक क्वालिटी वर्कफोर्स को बढ़ावा मिल रहा है और सभी के लिए चिकित्सा समाधानों में आत्मनिर्भरता और सामर्थ्य की दिशा में काम हो रहा है." यह भी पढ़ें : Paragliding Accident: उत्तरी गोवा में ‘पैराग्लाइडिंग’ के वक्त हुई दुर्घटना में महिला पर्यटक और प्रशिक्षक की मौत

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, "पिछले एक दशक में भारत के स्वास्थ्य सेवा विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं, जैसे मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, जिसमें एम्स और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि शामिल है; आयुष्मान भारत और मिशन इंद्रधनुष जैसी पहलों के साथ पब्लिक हेल्थकेयर को मजबूत करना, जो लाखों लोगों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार कर रहे हैं."

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने बताया कि मजबूत रोग नियंत्रण उपायों का क्रियान्वयन किया गया है, जिससे मलेरिया के मामलों में जबरदस्त कमी दर्ज हुई है और कोविड-19 महामारी से निपटने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि ग्लोबल जेनेरिक ड्रग सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत पूरा करने और दुनिया के 60 प्रतिशत टीकों का उत्पादन करके भारत अब किफायती दवाओं और टीकों के मामले में ग्लोबल लीडर बन गया है.

हेल्थकेयर डिलीवरी में टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन के महत्व और इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बताते हुए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि जैसा कि हम 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखते हैं, "हमें सभी क्षेत्रों में इनोवेशन और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए, चाहे वह प्रबंधन हो, चिकित्सा हो, इंजीनियरिंग हो या सामाजिक विज्ञान हो, ताकि प्रत्येक नागरिक को क्वालिटी हेल्थकेयर प्रदान करने में जन-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित हो सके."

केंद्रीय मंत्री ने उद्योग और शिक्षा जगत से रिसर्च के साथ नीतिगत हस्तक्षेप में योगदान देने का आह्वान किया और कहा, "उद्योग और शिक्षा जगत के रिसर्च वर्क को नीति के तहत ही लागू किया जाना चाहिए और हम नीति निर्माता के रूप में इसे करने के लिए तैयार हैं." उन्होंने कहा, "आप हमें नीतिगत हस्तक्षेप, इनोवेशन, संयुक्त सहयोग के लिए रोडमैप सुझाएं और हम उस रोडमैप को बनाने में हर तरह से आपकी मदद करेंगे."

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2025 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).