MCA BKC Outlets: 'क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे नॉन-वेज चाय पी रहे हैं?'; बॉम्बे हाई कोर्ट की MCA को फटकार, FDA को दिए दोबारा निरीक्षण के निर्देश
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के पांच फूड आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबन मामले में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को 27 अगस्त को दोबारा निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. अदालत ने एमसीए को निरीक्षण से पहले पूरी सफाई करने और अंतरिम तौर पर वेंडिंग मशीन से चाय-कॉफी उपलब्ध कराने की अनुमति दी है.
मुंबई: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (Mumbai Cricket Association) (MCA) के पांच रेस्टोरेंट्स और फूड आउटलेट्स में स्वच्छता के गंभीर उल्लंघन के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अनखड़ की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को गुरुवार, 27 अगस्त को इन आउटलेट्स का नए सिरे से संयुक्त निरीक्षण करने का आदेश दिया.
अदालत ने स्पष्ट किया कि एमसीए को निरीक्षण से पहले परिसरों और रसोइयों की सघन सफाई सुनिश्चित करनी होगी. यह भी पढ़ें: बॉम्बे HC ने लाइसेंस निलंबन पर महाराष्ट्र FDA को लगाई फटकार, पुणे की मिठाई दुकान को ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश; जानें क्या है पूरा मामला
कोर्ट की तीखी टिप्पणी: 'रसोई में कॉकरोच और मक्खियां, यह तो नॉन-वेज चाय हुई'
The Hindu की रिपोर्ट और Deccan Chronicle की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान एमसीए के वरिष्ठ वकील विक्रम ननकानी ने दलील दी कि आउटलेट्स पूरी तरह बंद होने के कारण मैदान पर अभ्यास और मैच खेलने आने वाले क्रिकेटरों और अतिथियों को चाय तक नहीं मिल पा रही है.
इस पर एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे ने तंज कसते हुए कहा:
"रेस्तरां की रसोइयों में कॉकरोच और मक्खियां पाई गई हैं. यह तो नॉन-वेजिटेरियन चाय हुई. क्या मैदान पर खेलने वाले क्रिकेटरों को पता था कि वे ऐसी चाय पी रहे हैं?"
गंभीर उल्लंघनों पर तत्काल निलंबन उचित: हाई कोर्ट
एमसीए ने याचिका में तर्क दिया था कि एफडीए को सीधे लाइसेंस निलंबित करने के बजाय पहले 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' (सुधार नोटिस) देना चाहिए था. हालांकि, अदालत ने एफडीए की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा:
- गंभीर खामियां: एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार रसोइयों में कीड़े-मकोड़े, फिसलन भरी गंदी फर्श और भंडारण से जुड़े भारी उल्लंघन मिले हैं। ऐसे 'सकल उल्लंघन' (Gross Violations) के मामलों में तत्काल निलंबन का फैसला पूरी तरह जायज है.
- जनता में सराहना: खंडपीठ ने कहा कि एफडीए द्वारा राज्यभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर की जा रही कार्रवाई सराहनीय है और आम जनता इसका स्वागत कर रही है.
वेंडिंग मशीन से चाय-कॉफी की छूट, भोजन पकाने पर रोक जारी
Bar and Bench की रिपोर्ट और The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने खिलाड़ियों और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आंशिक राहत दी:
- ऑटोमेटेड वेंडिंग मशीन: एमसीए को न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप वाली ऑटोमेटेड मशीनों के माध्यम से चाय और कॉफी परोसने की अनुमति दी गई है.
- किचन में कुकिंग बंद: जब तक एफडीए का नया निरीक्षण पूरा नहीं हो जाता और कमियां दूर नहीं होतीं, तब तक इन आउटलेट्स में किसी भी प्रकार का खाना बनाने या परोसने की अनुमति नहीं होगी.
तीसरे पक्ष के संचालन और 27 अगस्त के निरीक्षण पर नजर
एफडीए ने अदालत को यह भी बताया कि लाइसेंस एमसीए के नाम पर हैं, लेकिन इनका वास्तविक संचालन 'मेसर्स शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर' द्वारा किया जा रहा था. हाई कोर्ट ने नियामक को दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के कानूनी पहलुओं की व्यावहारिक जांच करने को कहा है.
अदालत ने निर्देश दिया कि यदि 27 अगस्त को होने वाले नए निरीक्षण में 95 से 98 प्रतिशत तक मानकों का पालन पाया जाता है, तो निलंबन हटाने पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को निर्धारित की गई है.