Sikkim Landslide: पश्चिमी सिक्किम के रिम्बी गांव में भीषण भूस्खलन; मलबे की चपेट में आए 30 से अधिक घर, सीएम प्रेम सिंह तमांग ने अधिकारियों को किया हाई अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में मूसलाधार बारिश के चलते भीषण भूस्खलन की घटना सामने आई है. युकसोम-ताशीदिंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिम्बी गांव में ऊपरी पहाड़ी ढलानों से अचानक भारी मात्रा में गिरे कीचड़, पत्थरों और मलबे ने निचले रिहायशी इलाकों को चपेट में ले लिया, जिससे 30 से अधिक घरों को गंभीर क्षति पहुंची है.
गंगटोक/ग्यालशिंग: पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में जारी भारी मानसूनी बारिश के बीच पश्चिमी सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है. Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, युकसोम-ताशीदिंग क्षेत्र के रिम्बी गांव में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक कर नीचे बस्तियों की ओर खिसक आया.
ऊपरी ढलानों से आए मलबे, भारी बोल्डरों और गाद के तेज बहाव ने निचले हिस्से में बसे 30 से अधिक घरों को प्रभावित किया है. हालांकि, प्रशासन की पूर्व सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है. यह भी पढ़ें: Sikkim Landslide: सिक्किम में भूस्खलन से कई मकान ढहे, 300 ग्रामीणों का हुआ रेस्क्यू- VIDEO
रिम्बी में ज़बरदस्त भूस्खलन, 30 से ज़्यादा घर प्रभावित
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर जताई चिंता
The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने सोशल मीडिया पर इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया:
- सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने कहा, "रिम्बी में गंभीर भूस्खलन के बाद बने हालात से मैं बेहद दुखी और चिंतित हूं. स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा तथा भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है."
- अधिकारियों को निर्देश: उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को स्थिति की 24 घंटे निगरानी करने और प्रभावित ग्रामीणों को हरसंभव त्वरित सहायता पहुंचाने का आदेश दिया गया है.
- मुख्यमंत्री ने संकटग्रस्त परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए भारी बारिश के दौरान लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने और एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की.
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अलर्ट जारी किया
ऊपरी ढलानों से आया सैलाब, घरों में घुसा मलबा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहाड़ी पर मिट्टी पूरी तरह संतृप्त (Saturated) हो चुकी थी, जिससे ढलान अस्थिर हो गया:
- कीचड़ और पत्थरों का सैलाब: ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में मलबा और पानी का तेज बहाव नीचे स्थित रिहायशी बस्ती में आ गिरा.
- मलबे और गाद के कारण कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और कमरों के भीतर कीचड़ भर गया.
- लगातार हो रही बारिश से मिट्टी के और अधिक खिसकने का जोखिम बना हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने ढलान के नजदीक बने संवेदनशील मकानों को तुरंत खाली करा लिया है.
रिम्बी क्षेत्र में बार-बार सक्रिय हो रहा भूस्खलन
यह पहली बार नहीं है जब रिम्बी क्षेत्र को इस प्रकार के भूस्खलन का सामना करना पड़ा है; यह क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है:
- 15 अगस्त की घटना: इससे पूर्व 15 अगस्त को रिम्बी-सिंगलीताम में सक्रिय भूस्खलन हुआ था, जिससे 38 घर (रिम्बी के 30 और सिंगलीताम के 8) और लगभग 150 लोग खतरे के दायरे में आ गए थे.
- सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित: 2 सितंबर को सिकसा खोला से आए मलबे के कारण गेजिंग-पेलिंग-युकसोम मार्ग (स्टेट हाईवे-27) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद 13 सितंबर को भी हुए भूस्खलन ने खेचोपेरी मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था.
- स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे, पुलों और जल पाइपलाइनों को बार-बार नुकसान पहुंचने से स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
प्रशासन की एडवाइजरी: संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें नागरिक
ग्यालशिंग जिला प्रशासन और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और जलस्रोतों (झोरों) के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य हलचल पर तुरंत सुरक्षित आश्रयों में जाने को कहा गया है.
- भूस्खलन की सक्रिय जगहों और ढलानों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की सख्त हिदायत दी गई है.
- लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें अवरुद्ध मार्गों से मलबा हटाकर आवश्यक संपर्क बहाल करने में जुटी हुई हैं.