Market Round-UP: दो हफ्ते की गिरावट के बाद बाजार की दमदार वापसी, आईटी शेयरों ने किया लीड
भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी शानदार रहा. लगातार दो हफ्ते तक लाल निशान में बंद होने के बाद बाजार तेजी के साथ बंद हुआ. दोनों निफ्टी और सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर हरे निशान में बंद हुए हैं. तेजी में सबसे अधिक योगदान टेक शेयरों का रहा.
मुंबई, 17 अगस्त : भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी शानदार रहा. लगातार दो हफ्ते तक लाल निशान में बंद होने के बाद बाजार तेजी के साथ बंद हुआ. दोनों निफ्टी और सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर हरे निशान में बंद हुए हैं. तेजी में सबसे अधिक योगदान टेक शेयरों का रहा. आखिरी कारोबारी सत्र शुक्रवार को निफ्टी 396.80 अंक या 1.64 प्रतिशत बढ़कर 24,540.55 और सेंसेक्स 1,330.96 अंक या 1.68 प्रतिशत बढ़कर 80,436.84 पर बंद हुआ. 2 अगस्त के बाद बाजार की यह ऊंची क्लोजिंग है.
वहीं, साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 0.92 प्रतिशत और निफ्टी में 0.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सेक्टर के हिसाब से निफ्टी आईटी (4.7 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.58 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.99 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल और गैस (0.21 प्रतिशत) बढ़कर बंद हुए हैं. हालांकि, निफ्टी पीएसयू बैंक (2.15 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.05 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (0.49 प्रतिशत) कमजोरी के साथ बंद हुए हैं. यह भी पढ़ें : Sensex Update: सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2.10 लाख करोड़ रुपये बढ़ा
पिछले हफ्ते निफ्टी पैक में टेक महिंद्रा (5.2 प्रतिशत), विप्रो (5.1 प्रतिशत), इन्फोसिस (5.0 प्रतिशत), एचसीएल टेक (4.9 प्रतिशत), टीसीएस (4.4 प्रतिशत), एलएंडटी माइंडट्री (3.5 प्रतिशत), टाइटन (3.4 प्रतिशत), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.3 प्रतिशत) और टाटा मोटर्स (2.8 प्रतिशत) टॉप गेनर्स थे. डिविस लैब (4.1 प्रतिशत), कोल इंडिया (3.33 प्रतिशत), डॉ. रेड्डी लैब (3.1 प्रतिशत), एनटीपीसी (3.1 प्रतिशत), अदाणी पोर्ट्स (2.6 प्रतिशत), पावर ग्रिड (2.1 प्रतिशत) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (2.1 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए हैं.
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में आर्थिक आंकड़े मजबूत आने के कारण मंदी की संभावना कम हो गई है. इसका असर बाजार पर देखने को मिला है. इस कारण अमेरिकी फेड की ओर से सितंबर में ब्याज दर कम होने की संभावना बनी हुई है. वहीं, ब्याज दर कम होने का सीधा असर हमें आईटी पर अधिक खर्च के रूप में देखने को मिलेगा, जिसके कारण आईटी इंडेक्स में 5 प्रतिशत की तेजी हुई है. येनकैरी ट्रेड का खतरा कम होने के कारण बाजार में स्थिरता बनी हुई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2024 04:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

